Viral Video: जनता की सेवा करने के लिए पुलिस हमेशा तत्पर रहती है। उनकी तरफ से हर संभव प्रयास किया जाता है कि वह सब की रक्षा करें लेकिन किसी को जीवन दान देना वाकई बहुत बड़ी बात है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उत्तर प्रदेश के एक सिपाही ने 10 फूट गहरे तालाब में डूब रही लड़की को जीवन दान दिया। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है और क्यों इस वायरल वीडियो ने पुलिस को सलामी देने के लिए मजबूर कर दिया है। जहां जांबाज सिपाही की जितनी तारीफ की जाए बहुत कम है।
Viral Video में देखें कैसे सिपाही ने दिखाई बहादुरी
UP Police recruit constable Deepak Solanki heroically saved Karishma from drowning in a 30-ft deep pond in Fatehpur Sikri, Agra. He jumped in during patrol, removed his shoes & pulled her to safety. Brave act caught on video! pic.twitter.com/aO3kvly2Im
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) June 4, 2026
घर के क्लेश x चैनल से शेयर करते हुए लिखा गया कि “यूपी पुलिस के रिक्रूट कांस्टेबल दीपक सोलंकी ने वीरतापूर्वक करिश्मा को आगरा के फतेहपुर सीकरी में 30 फीट गहरे तालाब में डूबने से बचाया। वह गश्त के दौरान कूद गया, अपने जूते उतारे और उसे सुरक्षित स्थान पर खींच लिया। वीडियो में कैद हुआ साहसिक कार्य!” रिपोर्ट की बात करें तो कहा जा रहा है कि फतेहपुर में एक महिला ने 30 फीट गहरे पानी में आत्महत्या करने के लिए छलांग लगा दिया। लोग सिर्फ यह तमाशा देखते रहे और किसी ने भी बढ़ने की हिम्मत नहीं दिखाई लेकिन वीडियो बना रहे लोगों के बीच से यूपी पुलिस के सिपाही ने अपना जूता निकाला और महिला को बचाने के लिए कूद गया।
यूपी पुलिस के सिपाही की बहादुरी ने बनाया हीरो
इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि काफी मेहनत और मशक्कत के बाद दीपक ने महिला को बचाया और उसे जीवन दान दिया है। इस वायरल वीडियो को देखने के बाद यूपी पुलिस के सिपाही की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। जहां एक यूजर ने कहा इस हिम्मत की दात देनी बनती है तो एक ने कहा एक बड़ी सलामी तो एक ने कहा यह सच में दिल जीतने वाला था। लोग कांस्टेबल की बहादुरी और एक जिंदगी बचाने को सच्ची वीरता बताते नजर आ रहे हैं।
फिलहाल इस वायरल वीडियो को 22000 से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
