Viral Video: ट्रेन में कांपते हुए हाथों से बीवी की साड़ी बांधते बूढ़े बाबा को देख यंग जनरेशन हुई शर्मसार, यूजर बोले- ‘आज कल के लड़के और लड़की..’

Viral Video: सोशल मीडिया पर एक बूढ़े बाबा का वीडियो वायरल हो रहा है। वो ट्रेन में अपनी पत्नी की साड़ी बांधने में मदद कर रहे हैं। कपल की इस रियल मोहब्बत ने लोगों को भावुक कर दिया है।

Viral Video: प्यार की कोई उम्र और सीमा नहीं होती है , ये शब्द कई बार पढ़ने और सुनने को मिलते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ते पार्टनर्स के धोखों की खबरों ने लोगों का रिश्तों के ऊपर से भरोसा ही उठा दिया है। काफी लोग तो अब शादी करने से ही डरने लगे हैं। नई जनरेशन में रिश्तों का टूटना बेहद आम सा माने जाने लगा है। इस बीच एक ऐसा दिल को छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें बूढ़ा आदमी ट्रेन के अंदर अपनी बूढ़ी पत्नी की साड़ी बांधने में मदद कर रहे हैं। इसे देखने के बाद लोग यंग जनरेशन पर सवाल उठाने लगे हैं।

ट्रेन के अंदर बूढ़े आदमी ने बीवी की बांधी साड़ी

ये वायरल वीडियो कब और कहां का है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन इसे minipandey6150 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से काफी वायरल किया जा रहा है।

देखें वीडियो

वीडियो में देखा जा सकता है कि, ट्रेन अंदर एक बूढ़ा आदमी अपनी बीवी की साड़ी को बांधने में मदद कर रहा है। आस-पास काफी सारी भीड़ मौजूद है। लेकिन बाबा बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी बीवी की मदद कर रहे हैं। इस दिल को छू लेने वाले पल को किसी ने कैमरे में कैद कर लिया है। अब यही वीडियो काफी तेजा से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें बूढ़े कपल का रियल लव और एक-दूसरे के प्रति प्यार और केयर को साफ देखा जा सकता है।

Viral Video यूजर्स के दिल को छू रहा

इस वायरल वीडियो को इंस्टाग्राम पर हालहि में अपलोड किया गया है। इस पर 16 लाख लाइक्स के साथ हजारों कमेंट आ चुके हैं। एक यूजर लिखता है, ‘मैं एक ही बात बोलूंगा इससे अच्छी विडियो कोई हो ही नहीं सकती।’ दूसरा लिखता है, ‘लड़कियों को ऐसे लड़के पसंद नहीं आते।’ तीसरा लिखता है, आज कल के लड़के और लड़की इस बात को नहीं समझ सकते हैं कि, रिश्ते कैसे निभाए जाते हैं?’ बूढ़े कपल का ये वीडियो जो भी देख रहा वो इनके रियल लव की तारीफ कर रहे हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Exit mobile version