कल का मौसम 11 May 2026: देश के कई राज्यों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 11 मई 2026 को बिहार, झारखंड, राजस्थान समेत कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। कई इलाकों में मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक हाहाकार मचा हुआ है। यूपी, बिहार में आसमानी आफत से कई लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं पहाड़ों पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बादल फटने और भूस्खलन को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को प्रशासन लगातार आदेश दे दिया है। चलिए आपको बताते है कल का मौसम 11 May 2026 कैसा रहने वाला है?
बिहार, झारखंड में कैसा रहेगा कल का मौसम 11 May 2026
बिहार में अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है।
किसानों को भी फसल सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। झारखंड में मौसम अचानक खराब हो सकता है। रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर और हजारीबाग समेत कई जिलों में तेज हवा के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम का हाल?
राजस्थान के कई जिलों में धूल भरी आंधी और तेज तूफान का खतरा मंडरा रहा है। जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, अलवर और भरतपुर समेत कई क्षेत्रों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं और धूल भरी आंधी को लेकर लोगों में डर का माहौल देखा जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है, लेकिन गर्मी से राहत सीमित रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने कमजोर ढांचों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी स्थिति बेहद चिंताजनक होने जा रही है, साथ ही लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अगले 7 दिनों के दौरान केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।
