---Advertisement---

Underwater Metro Kolkata: भारत की पहली अंडरवॉटर मेट्रो का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन,जानें पानी के अंदर कैसे बनाई जाती है सुरंग

Underwater Metro Kolkata: भारत में जब भी रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की बात होती थी तो कोलकाता का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाता था। शहर को पहली मेट्रो 1984 में मिली थी। वहीं एक बार फिर देश की पहली अंडरवॉटर मेट्रो की शुरूआत भी कोलकाता से ही हुई है। आपको बता दें कि पीएम मोदी ...

Read more

Avatar of Anurag Tripathi

By: Anurag Tripathi

Published: मार्च 7, 2024 8:30 पूर्वाह्न

Underwater Metro Kolkata
Follow Us
---Advertisement---

Underwater Metro Kolkata: भारत में जब भी रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की बात होती थी तो कोलकाता का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाता था। शहर को पहली मेट्रो 1984 में मिली थी। वहीं एक बार फिर देश की पहली अंडरवॉटर मेट्रो की शुरूआत भी कोलकाता से ही हुई है। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने 6 मार्च 2024 को इसका उद्घाटन किया।

जिसमें हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड तक 4.8 किलोमीटर का भूमिगत खंड शामिल है। Underwater Metro Kolkata पानी के नीचे की सुरंग दो सदी पुराने शहरों को जोड़ने वाली इस लाइन का हिस्सा है। यह न केवल पहली अंडरवॉटर मेट्रो है, बल्कि यह मार्ग देश के सबसे गहरे मेट्रो स्टेशन हावड़ा का भी घर है, जो सतह से 33 मीटर नीचे स्थित है। हालांकि इसका निर्माण इतना आसान नही था, लेकिन कहते है न जहा चाह वहां राह। चलिए आपको बताते है कि कैसे इसका निर्माण किया गया। इसकी खासियत क्या है?

सुरंग कैसे बनाई जाती है?

●इन पानी के नीचे सुरंगों के निर्माण के लिए कई तरीकों या तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिसमें एक डूबी हुई ट्यूब या एक जलमग्न फ्लोटिंग सुरंग शामिल है।

●डूबी हुई ट्यूब सुरंग: इस विधि में, एक स्टील ट्यूब खंड को समुद्र तल पर एक खाई में रखा जाता है, और एक साथ जोड़ा जाता है। खाई को ढकने के बाद सुरंग से पानी बाहर निकाला जाता है।

●जलमग्न तैरती सुरंग: यह विधि उछाल के नियम का उपयोग करती है। सुरंग जलमग्न रहती है, स्तंभों या बंधनों द्वारा समुद्र तल से जुड़ी होती है, या सतह पर बजरे से लटकी होती है।

Underwater Metro Kolkata प्रोजेक्ट कैसे किया गया पूरा?

नदी के नीचे यह सुरंग जल स्तर से लगभग 30 मीटर नीचे है। ट्रेन अंडरवॉटर सेक्शन में 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।

अधिकारियों के मुताबिक, प्रोजेक्ट को अंजाम देने में उनके सामने कई चुनौतियां थी। लेकिन प्रौद्योगिकी एक रक्षक थी। जुड़वां जलीय सुरंगें मुख्य रूप से कठोर मिट्टी की गाद के माध्यम से खोदी गई थीं। बता दें कि नदी के नीचे इस सुरंग की लंबाई 520 मीटर है।

मेट्रो लाइन संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली का उपयोग करती है। इसमें स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली भी है। यदि सिग्नल पर कोई ख़तरा है, तो ड्राइवर/ट्रेन ऑपरेटर ट्रेन को नहीं चला सकता, ख़तरे में सिग्नल को पार नहीं कर सकता। ट्रेन केवल एक अनुमानित गति से ही चल सकती है।

जुड़वां सुरंग प्रणाली को पृथ्वी दबाव संतुलन सुरंग बोरिंग मशीनों द्वारा एग्जीक्यूट किया गया था। इसे हावड़ा मैदान से लॉन्च किया गया था और 3.65 किमी की एकल ड्राइव में काम पूरा करने के बाद एस्प्लेनेड में दुबारा प्राप्त किया गया था।

Underwater Metro Kolkata के कुछ महत्वपूर्ण बाते

मेट्रो रेलवे के मुताबिक, हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड तक ईस्ट-वेस्ट मेट्रो का 4.8 किलोमीटर लंबा हिस्सा 4965 करोड़ रूपये की लागत से बनाया गया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के कुल 16.6 किमी में से 10.8 किमी भूमिगत है, जिसमें नदी के नीचे सुरंग भी शामिल है। पूरे मार्ग पर कुल 12 स्टेशन हैं।

माना जा रहा है कि ट्रेन नदी के नीचे 520 मीटर की दूरी को केवल 45 सेकंड में पार कर लेगी, जो न केवल गति प्रदान करेगी बल्कि परिवहन का एक निर्बाध और समय-कुशल तरीका भी प्रदान करेगी, जो कोलकाता की कनेक्टिविटी और शहरी गतिशीलता को बढ़ाएगी।

खबरों के मुताबिक टिकटों की कीमत 5 रूपये से शुरू होती है और स्टेशन की दूरी के अनुसार 50 रूपये तक बढ़ सकती है। पहले दो किलोमीटर के लिए किराया 5 रूपये है और फिर 10 रूपये, 15 रूपये 20, रूपये 25 रूपये और फिर 50 रूपये तक बढ़ जाता है।

वैश्विक स्तर पर भारत कर रहा है विकास

Underwater Metro Kolkata प्रणाली के कार्यान्वयन के साथ कोलकाता मेट्रो अब वैश्विक शहरों की श्रेणी में शामिल हो गई है। बता दें कि कोलकाता, लंदन, पेरिस, न्यूयॉर्क, शंघाई और काहिरा जैसे प्रसिद्ध महानगरीय केंद्रों की सूची में शामिल हो गया है जो अंडरवाटर मेट्रो का दावा करते हैं।

Avatar of Anurag Tripathi

Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Bhagwant Mann

फ़रवरी 12, 2026

High Speed Rail Corridor

फ़रवरी 12, 2026

CM Yogi Adityanath

फ़रवरी 12, 2026

Vande Mataram

फ़रवरी 12, 2026

CM Yogi Adityanath

फ़रवरी 12, 2026

CM Bhagwant Mann

फ़रवरी 12, 2026