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Hindenburg Research: Adani Group को घाटा पहुंचाने वाली कंपनी का खत्म हुआ किस्सा, क्या झूठे थे शॉर्ट सेलिंग फर्म के सभी दावें?

Hindenburg Research: दुनिया की सबसे मशहूर शॉर्ट सेलिंग फर्म पर हमेशा के लिए ताला गया है। इस निवेश फर्म ने Adani Group को भारी घाटा पहुंचाया था। जानें पूरी डिटेल।

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By: Amit Mahajan

Published: जनवरी 16, 2025 11:28 पूर्वाह्न

Hindenburg Research
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Hindenburg Research: दुनियाभर के बिजनेस को प्रभावित करने वाली अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च पर ताला गया है। कंपनी के संस्थापक नाथन एंडरसन ने इसकी घोषणा की। नाथन एंडरसन ने साल 2017 में हिंडनबर्ग रिसर्च की शुरुआत की थी। यह कंपनी दुनियाभर की कंपनियों में आर्थिक गड़बड़ियों को उजागर करती है। निवेश शोध फर्म 2023 में Adani Group को लेकर अपनी रिपोर्ट में कई सारे चौंकाने वाले खुलासे किए थे, जिसके बाद अडानी ग्रुप को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। आइए आगे खबर में जानते हैं कि आखिर नाथन एंडरसन ने शॉर्ट सेलिंग फर्म को क्यों बंद किया।

Hindenburg Research पर हमेशा के लिए लग गया ताला

निवेश शोध फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च के फाउंडर नाथन एंडरसन ने अपने बयान में कहा, मैंने बीते साल के आखिर से ही अपने परिवार, दोस्तों और अपनी टीम के साथ शेयर किया था कि मैंने हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने का निर्णय लिया है। योजना यह थी कि जिन विचारों के साथ इसे शुरू किया गया था, उसके पूरा होते ही इसे बंद कर दिया जाएगा। हाल ही में हमने जिन पोंजी मामलों को पूरा किया और नियामकों के साथ शेयर कर रहे हैं वो दिन आज ही है।’ इस खबर के सामने आते ही Adani Group के शेयरों में तेजी देखी जा रही है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि अडानी ग्रुप को इस फैसले से बड़ी राहत मिल सकती है।

Hindenburg Research के Adani Group को लेकर दावें झूठे?

सनद रहे कि हिंडनबर्ग रिसर्च कंपनी ने साल 2023 में Adani Group पर नियामकों के कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। अडानी ग्रुप के नेतृत्व कर रहे गौतम अडानी को इस रिपोर्ट की वजह से भारी नुकसान झेलना पड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस दौरान भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी विश्व के चौथे सबसे अमीर आदमी थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट बाहर आने के बाद गौतम अडानी के समूह को 100 अरब डॉलर का घाटा झेलना पड़ा था। इतना ही नहीं, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद अडानी समूह के शेयरों में 80 फीसदी तक की गिरावट देखी गई थी। आपको बता दें कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट की चर्चा राजनीतिक गलियारों में हुई थी। हालांकि, अडानी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। खबरों के मुताबिक, उधर, भारतीय नियामक सेबी की जांच में भी कुछ गड़बड़ी नहीं निकली थी। ताजा रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हिंडनबर्ग रिसर्च के अडानी ग्रुप को लेकर सभी दावे फर्जी थे।

हिंडनबर्ग रिसर्च सेबी प्रमुख को भी घेरा था

आपको बता दें कि नाथन एंडरसन Hindenburg Research के फाउंडर होने के साथ ही कंपनी के मुख्य विश्लेषक भी थे। नाथन एंडरसन को अपने काम की वजह से कई बार विवादों का सामना करना पड़ा। साथ ही उन्हें चारों तरफ से आलोचना भी झेलनी पड़ी। हिंडनबर्ग रिसर्च कंपनी ने सिर्फ भारतीय कंपनी Adani Group को ही नहीं, बल्कि कई और कंपनियों की अपनी सनसनीखेज रिपोर्ट से मुश्किलें बढ़ाई थी। इसमें अमेरिका की आरडी लीगल कंपनी का नाम भी शामिल है। अडानी ग्रुप की जांच करने वाली भारतीय नियामक सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच पर भी हिंडनबर्ग रिसर्च ने बीते साल हैरान करने वाले दावे किए थे। इसके बाद देशभर में काफी हो-हल्ला मचा था।

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अमित महाजन DNP India Hindi में कंटेंट राइटर की पोस्ट पर काम कर रहे हैं.अमित ने सिंघानिया विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में डिप्लोमा किया है. DNP India Hindi में वह राजनीति, बिजनेस, ऑटो और टेक बीट पर काफी समय से लिख रहे हैं. वह 3 सालों से कंटेंट की फील्ड में काम कर रहे हैं.
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