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‘शिंदे समर्थकों को तोड़फोड़ का लाइसेंस..,’ Kunal Kamra प्रकरण में शिवसैनिकों की करतूत पर उठे सवाल, कटघरे में महायुति सरकार

शिवसैनिकों की करतूत और Kunal Kamra के खिलाफ जारी विरोध अभियान ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। एकनाथ शिंदे समर्थकों द्वारा की गई तोड़फोड़ के बाद महायुति सरकार भी कटघरे में खड़ी नजर आ रही है और तमाम पत्रकार व सोशल एक्टिविस्ट तोड़फोड़ की घटना की आलोचना करते हुए सवाल खड़े कर रहे हैं।

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By: Gaurav Dixit

Published: मार्च 25, 2025 10:45 पूर्वाह्न | Updated: मार्च 25, 2025 2:37 अपराह्न

Kunal Kamra
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Kunal Kamra: महाराष्ट्र में कुणाल कामरा का विरोध और तोड़फोड़ की कार्रवाई देखने को मिली। इसके बाद तमाम प्राइम टाइम शो कुणाल कामरा को केन्द्रित करते हुए बने। सवाल उठे कि क्या फ्रीडम ऑफ स्पीच की आड़ में कुछ भी कहा जा सकता है? सवाल ये भी उठे कि शिंदे समर्थकों का कानून हाथ में लेना कहां तक जायज है? क्या उन्हें तोड़फोड़ करने का लाइसेंस प्राप्त है? कुलजमा बात ये है कि स्टूडियो में हुई तोड़फोड़ के बाद महायुति सरकार पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। पत्रकार रजत शर्मा ने Kunal Kamra के साथ एकनाथ शिंदे को नसीहत दे दी। गद्दार, चोर, खोखा-चोर जैसे टर्म इस्तेमाल किए जाने पर रजत शर्मा ने बारीकी से अपनी बात रखी है जिसे सुनकर शायद आप प्रकरण को आसानी से समझ सकते हैं।

कॉमेडियन Kunal Kamra प्रकरण में शिवसैनिकों की करतूत पर उठे सवाल

वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने कुणाल कामरा के नए कॉमेडी शो पर एक संक्षिप्त विश्लेषण पेश किया है। उन्होंने कहा कि “Kunal Kamra ने शिंदे को गद्दार कहा, चोर कहा, लेकिन ये तो उद्धव ठाकरे और संजय राउत सौ-सौ बार कह चुके हैं, रोज़ कहते हैं। शिंदे ने उद्धव की कुर्सी छीनी, उनकी पार्टी छीनी, पार्टी का सिंबल छीन लिया। इसलिए उद्धव बार-बार उन्हें ‘खोखा चोर’ कहते हैं और जब-जब मौका मिलता है, शिंदे भी, उद्धव ठाकरे को असली गद्दार कहते हैं। धोखेबाज कहते हैं। इसीलिए शिंदे को तो ऐसी बातों का बुरा मानने का कोई अधिकार नहीं है। ये सही है कि Kunal Kamra कई बार शालीनता की सीमा, पार करते हैं, लेकिन ऐसी बातों से डील करने के लिए, कानून है।”

रजत शर्मा ने महायुति सरकार पर सवाल उठाते हुए आगे कहा कि “अगर कुणाल कामरा ने बोलने की आजादी का गलत फायदा उठाया, तो इसकी शिकायत कोर्ट में की जानी चाहिए। लेकिन शिंदे के समर्थकों को कानून हाथ में लेने की इजाजत कैसे दी जा सकती है? आज महाराष्ट्र में शिंदे की शिवसेना सरकार में है इसीलिए शिंदे के समर्थकों को तोड़फोड़ करने का लाइसेंस तो नहीं दिया जा सकता।” रजत शर्मा के अलावा भी कई ऐसे पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट हैं जो महायुति सरकार की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए शिवसैनिकों के करतूत की आलोचना कर रहे हैं।

महाराष्ट्र में ‘शिंदे प्रकरण’ को लेकर मचे हो-हल्ला पर क्या बोले कुणाल कामरा?

सबकी निगाहें कॉमेडियन कामरा पर ही थीं कि वे हैबिटेट स्टूडियो में शिवसैनिकों द्वारा की गई तोड़फोड़ पर क्या बोलते हैं। ऐसे में कुणाल कामरा ने शिवसैनिकों के करतूत को निंदनीय बताते हुए उनकी आलोचना की है। उन्होंने सबसे पहले कहा है कि “हैबिटेट या कोई भी स्थल मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है। मैंने जो भी किया अपने अधिकार के तहत किया है और मुझे इस संबंध में कोई पछतावा नहीं है। नेताओं और राजनीतिक व्यवस्था का मजाक उड़ाना कानून के खिलाफ नहीं है।”

बता दें कि Kunal Kamra की कॉमेडी शो रिलीज होने के बाद उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज हुआ और हैबिटेट स्टूडियो के अवैध निर्माण पर BMC का बुलडोजर चला। वहीं स्टूडियो में तोड़फोड़ करने वाले शिवसैनिकों पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है और कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कुणाल कामरा से जुड़ा ये प्रकरण अभी और सुर्खियां बटोर सकता है और कार्रवाई का क्रम आगे भी देखने को मिल सकता है।

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Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
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