Russia Social Media Ban: अमेरिका का एक पुराना प्रतिद्वंदी नए सिरे से राष्ट्र को चकमा दे रहा है। यहां बात रूस के संदर्भ में हो रही है जहां की सरकार ने अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी कारर्वाई की है। व्लादिमीर पुतिन की सरकार ने रूस में फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
अमेरिकी प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई कर क्या पुतिन प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को संकेत दे रहे हैं? क्या अमेरिका-रूस के बीच तल्खियों का दौर देखने को मिल सकता है? ऐसे तमाम सवाल हैं जो रूस में अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बैन होने के बाद उठ रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस प्रकरण में आगे क्या कुछ होता है।
रूस में अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध!
पुतिन सरकार ने रूस में फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। आज से ही रूस के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोग इन अमेरिकी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इससे पहले टेलिग्राम के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई थी।
अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के डोमेन नाम को रूस के राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम से हटा दिया गया है। इसके अलावा कई अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संस्थान जैसे बीबीसी, डॉउचा वेले, रेडियो फ्री यूरोप, रेडियो लिबर्टी पर भी प्रतिबंध लागू हुआ है। रूस के लोग अब इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि आगे सरकार क्या कदम उठाती है।
क्या अमेरिका को तल्ख संदेश देने की कोशिश में रूस?
अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बैन कर क्या रूस प्रेसिडेंट ट्रंप को तल्ख संदेश देने की कोशिश कर रहा है? ये सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि अमेरिका सीधे तौर पर कई मौकों पर रूस का विरोध करते नजर आया है। यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष के दौर में भी ट्रंप व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ नजर आए थे। यही वजह है कि अमेरिकी प्लेटफॉर्म पर रूस की कार्रवाई इन सवालों को जन्म दे रही है।
हालांकि, रूस ने स्पष्ट किया है कि ये कदम सरकारी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए उठाया गया है। ताकि विदेशी प्लेटफॉर्म और वेबसाइट का प्रयोग कम हो और स्वदेशी प्लेटफॉर्म की उन्नती हो। अब देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका या संबंधित प्लेटफॉर्म आगे इस प्रकरण में क्या कदम उठाते हैं।






