Budget 2026: आगामी बजट में ऑटो सेक्टर को क्या मिल सकता है, क्या ईवी सेगमेंट में बढ़ाई जाएगी सरकारी सब्सिडी? जानें पूरी डिटेल

Budget 2026: केंद्रीय बजट में ऑटो सेक्टर को क्या कुछ मिल सकता है। ईवी मार्केट में की जा रही मांग पर क्या सहमति बन पाएगी? क्या मिडिलक्लास को राहत मिलेगी।

Budget 2026: इस बार का बजट काफी खास रहने वाला है। ऐसा इसलिए, क्योंकि बजट 2026 1 फरवरी को रविवार के दिन पेश होगा। ऐसे में भारत का मध्यम वर्ग एक बार फिर बजट की ओर निगाह करके बैठा है। मिडिल क्लास का ही सपना होता है कि नई कार खरीदकर घर लाई जाए। ऐसे में आगामी बजट से भारतीय ऑटो सेक्टर को क्या उम्मीदे हैं? साथ ही देश के इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट को भी बजट से काफी कुछ मिलने की संभावना है। ऐसे में क्या ईवी सेगमेंट में सरकारी सब्सिडी को बढ़ाया जा सकता है।

Budget 2026 को लेकर क्या है वाहन कंपनियों की डिमांड

कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि बीते साल कारों की सेल में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में कारों की बिक्री बढ़ाने के लिए और मिडिलक्लास को फायदा देने के लिए सरकार ने बीते साल ही जीएसटी की दरों में कमी की थी। इसके बाद वाहनों की बिक्री में उछाल देखने को मिला। ऐसे में ऑटो सेक्टर की मांग है कि वर्तमान में लगने वाली जीएसटी की दरों को और कम किया जाए, ताकि मध्यम वर्ग को इसका लाभ मिल सके।

साथ ही वाहन कंपनियों की डिमांड है कि उत्पादन यूनिट्स को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रोत्साहन मिलना चाहिए। इसके अलावा, विदेशों गाड़ियों पर लगने वाले आयात शुल्क में कमी आने चाहिए। कई वाहन कंपनियों की मांग है कि ईवी और हाइब्रिड गाड़ियों के प्रोडक्शन को बढ़ावा मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार की तरफ से कोई ठोस नीति बनाए जाए।

बजट 2026 में ईवी सेगमेंट को मिल सकती है अधिक सब्सिडी

उधर, कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि बजट 2026 में ईवी बाजार में मिलने वाली मौजूदा सब्सिडी को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए। साथ ही कई तरह के टैक्स से छूट मिलनी चाहिए। कंपनियों की मांग है कि ईवी की खरीद पर नहीं, बल्कि ईवी वाहनों के उत्पादन पर भी कुछ छूट मिलने चाहिए। इससे ईवी मार्केट में तेजी आने की आशंका है। बीते साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो लोगों ने ईवी गाड़ियों पर पहले से कम भरोसा दिखाया है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे- ईवी चार्जिंग स्टेशन की कमी, ईवी वाहनों का अधिक दाम, ईवी के रखरखाव में अधिक खर्च समेत कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत सरकार ईवी खरीदने के साथ ईवी के उत्पादन पर भी छूट देगी?

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