Delhi Pollution: साल के अंत में सर्दियां शुरु होते ही दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने लगता है। जिसके कारण लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। हर साल इस स्थिति से बचने के लिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी राज्य सरकारों के द्वारा कड़े कदम उठाए जाते हैं। इस बार भी रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चल रही बीजेपी सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। 1 नवंबर से 28 फरवरी के बीच लागू रहेंगे। जिसके कारण दिल्ली में रहने वालों और यहां से गुजरने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ये कड़े नियम पेट्रोल-डीजल और सीएनजी भरवाने को लेकर भी बनाए गए हैं।
Delhi Pollution को रोकने के लिए किन लोगों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल और CNG?
आपको बता दें, प्रदूषण को रोकने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने कड़ा नियम लागू किया है। ये 1 अक्टूबर 2026 से सक्रिए होगा। ये ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम के तहत आगे बढ़ेगा। जिन वाहनों के पास प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी की पीयूसीसी होगा उन्हें ही दिल्ली में फ्यूल मिलेगा। ये नियम दिल्ली ही नहीं बल्कि एनसीआर के 35 जिलों में लागू होंगे। इनमें नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों का नाम शामिल है। अगर आपके पास पीयूसीसी नहीं है तो दिल्ली एनसीआर में फ्यूल भरवाना मुश्किल होगा। पॉल्यूशन सर्टिफिकेट वैध होने पर ही गाड़ियों में फ्यूल भरा जाएगा। इसके साथ ही चेकिंग के दौरान जिन लोगों का PUC एक्सपायर हो चुका है। उन पर 10 हजार रुपए का भार-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। ये नियम इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर लागू नहीं होगा।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए उठाए सबसे कड़े कदम
दिल्ली में फ्यूल ही नहीं बल्कि कई प्रदूषण बढ़ाने वाले कामों पर लगाम लगा दी गई है। दिल्ली में कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश भी दिए गए हैं। ये 1 नवंबर 2026 से लेकर 31 जनवरी 2027 तक लागू होंगे। धूल वाले इलाकों में एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाएगा। वहीं, दिल्ली में 1 नवंबर से BS-VI (BS-6) मानकों से नीचे वाले वाहनों की एंट्री बंद कर दी जाएगी। सरकार ने 50 फीसदी लोगों को दिल्ली में वर्क फ्रोम होम के आदेश दिए हैं। वहीं, प्रदूषण को रोकने के लिए पार्किंग की फीस भी दो गुनी कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए कड़े कदम उठा रही है। इन सभी कड़े बदलावों का आम लोगों की जिंदगी पर असर पड़ेगा।







