Suzuki Swift Hydrogen: ओटो मार्केट में पेट्रोल, डीजल, इलेक्ट्रिक और इथेलॉल के बाद अचानक से हाइड्रोजन इंजन का नाम सुर्खियां बटोरने लगा है। जब से कंपनी ने वियना मोटर सिम्पोजियम इवेंट के जरिए इंटरनेशल मार्केट में सुजुकी स्विफ्ट हाइड्रोजन की पहली झलक दिखाई गई है तब से लोग इसके इंजन और फ्यूल वेरियंट के बारे में जानना चाहते हैं। अन्य फ्यूल के मुकाबले ये बेहद अलग होने वाली है। भारतीय मार्केट में अभी टोयोटा मिराई, हुंडई नेक्सो जैसी गाड़ियां पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देखने को मिल रही हैं। इस हाईड्रोजन इंजन को नई कारों का भविष्य बताया जा रहा है।
Suzuki Swift Hydrogen का इंजन कैसे करेगा काम और क्या परफॉर्मेंस देगा?
सुजुकी स्विफ्ट हाईड्रोजन कार के फीचर्स , लॉन्चिग और कीमत को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन अफवाहों में दावा किया जा रहा है कि, इसे साल 2028 तक लॉन्च किया जा सकता है। इस गाड़ी के लिए भारतीय मार्केट में अभी हाइड्रोजन इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है। हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण भी कम करता है और माइलेज भी बहुत अधिक देता है। इस गाड़ी में 1.4-लीटर का 4-सिलेंडर हाइड्रोजन डायरेक्ट इंजेक्शन इंजन मिल सकता है।
देखें वीडियो
वीडियो क्रेडिट-autocarindia1
ये गाड़ी 100 kW की पावर और 220 Nm की टॉर्क को जनरेट कर सकती है। सुजुकी स्विफ्ट हाइड्रोजन कार का इंजन हाइड्रोजन इंटरनल कंबशन इंजन पर काम करेगा। ये बिना इलेक्ट्रिक पावर के गाड़ी को एनर्जी देगा। ये ईधन और हवा की मदद से चलता है। हाइड्रोजन के लिए कंपनी एक बड़ा टैंक दे सकती है। ये पिस्टन और सिलेंडर की मदद से हाइड्रोजन से धमाका करेगा और चलेगा। इस फ्यूल की मात्रा दिखाने के लिए गाड़ी में अलग से नया इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिल सकता है। जो हाइड्रोजन की मैपिंग करेगा राइडर को इसकी स्थिति की जानकारी देगा। खबरों की मानें तो हाइड्रोजन टैंक मिलने से बूट स्पेस 30 फीसदी तक घट सकता है।
सुजुकी स्विफ्ट हाईड्रोजन कार की सबसे बड़ी चुनौतियां और माइलेज
सुजुकी स्विफ्ट हाईड्रोजन कार में मिलने वाला इंजन पेट्रोल-डीजल , इलेक्ट्रिक इंजन से बेहद अलग है। ये सिर्फ पिस्टन और सिलेंडर पर काम करता है। लेकिन चलने पर गाड़ी में वैसी ही आवाज आती है जैसे पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों को चलाने में आती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें, हाइड्रोजन अन्य फ्यूल से कई गुना महंगा होता है। भारत में इसकी कीमत 400 से 600 प्रति किलोग्राम के आस-पास है। 1 किलो हाइड्रोजन से गाड़ी लगभग 100 किमी तक चल सकती है। हालंकि गाड़ी का रख रखाव करना बेहद सस्ता हो सकता है। फिलहाल भारत में अभी इसके फ्यूल स्टेशन की भारी कमी है। इसीलिए कंपनी के लिए सुजुकी स्विफ्ट हाईड्रोजन कार को लॉन्च करना बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। हालंकि भारत सरकार सस्ते में ग्रीन हाईड्रोजन लाने की तैयारी कर रही है। ये फ्यूल गाड़ियों का फ्यूचर बताया जा रहा है।
