Independence Day 2023: देशभक्त कृपया ध्यान दें! कार या बाइक पर तिरंगा लगाने से हो सकती है सजा, जानें क्या कहता है फ्लैग कोड कानून

Independence Day: अगस्त के शुरुआती सप्ताह के बीत जाने के बाद से ही देश के विभिन्न हिस्सों में तिरंगे झंडे को लेकर अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। कहीं लोग इसे छतों पर बांधकर फहराते दिख जाते हैं तो कहीं कोई देशभक्ति प्रदर्शित करने के लिए अपने गाड़ियों में तिरंगा बांध लेता है या फिर उस पर तिरंगे झंडे की चित्र बना लेता है

National Flag

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Independence Day 2023: अगस्त के शुरुआती सप्ताह के बीत जाने के बाद से ही देश के विभिन्न हिस्सों में तिरंगे झंडे को लेकर अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। कहीं लोग इसे छतों पर बांधकर फहराते दिख जाते हैं तो कहीं कोई देशभक्ति प्रदर्शित करने के लिए अपने गाड़ियों में तिरंगा बांध लेता है या फिर उस पर तिरंगे झंडे की चित्र बना लेता है। पर क्या आपको पता है तिरंगे झंडे के साथ इस तरह की छेड़कानी करनी कानूनी अपराध है। इस तरह से करना अपराध की श्रेणी में भी आता है और इसके लिए कानून में कठोर सजा का प्रावधान है।

इस कानून के तहत फहराया जाता है तिरंगा

बता दें कि तिरंगा फहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक तय नियम व कानून को बनाया है जिसे फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 के नाम से जाना जाता है। ये कानून तिरंगा के अपमान करने वाले को सजा देने का काम करता है। फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 की माने तो कोई भी व्यक्ति, संस्था, शैक्षिणिक संस्थान या निजी-सरकारी संस्थान तिरंगा झंडा को सम्मान के साथ किसी भी दिन फहरा सकते हैं। इसके लिए आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि कहीं से भी झंडे का अपमान ना हो। यदि ऐसा होता है तो प्रशासन आरोपी को सजा देने का हक रखता है।

गाड़ियों पर नहीं लगा सकते तिरंगा झंडा

लोग अक्सर अपनी देशभक्ति साबित करने के लिए गाड़ियों पर तिरंगा लगाते देख लिए जाते हैं। पर आपको बता दें कि ये अपराध की श्रेणी में आता है। गाड़ियों पर तिरंगा लगाने का अधिकार देश के चुनिंदा लोगों को ही है जिसमें देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, कैबिनेट राज्यमंत्री, लोकसभा और राज्यसभा के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर, गवर्नर, लेफ्टिनेंट गवर्नर, मुख्यमंत्री, विधानसभा और विधानपरिषद के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, हाईकोर्ट के जज आदि जैसे प्रशासनिक पद पर बैठे लोग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त यदि कोई गाड़ियों पर तिरंगा झंडा लगाए दिख जाए तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है।

तिरंगा अपमान पर मिल सकती है ये सजा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार देश के तिरंगे झंडे का अपमान करने वाले दोषियों को तीन साल की जेल या जुर्माना देने का सजा दिया जा सकता है या फिर दोनों सजा से दंडित किया जा सकता है।

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