Tata Cars Price Hike : पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों से लोग पहले से ही परेशान थे। उन्हें थोड़ी सी राहत जून के महीने में टाटा की इलेक्ट्रिक कारों के दाम गिरने से मिली थी। लेकिन अब एक बड़ा झटका लग गया है। दरअसल, देश की जानी-मानी देसी कंपनी टाटा ने अपने वाहनों को महंगा कर दिया है। अगर आप 1 जुलाई 2026 के बाद टाटा के वाहनों को खरीदते हैं तो बढ़ी हुई मोटी रकम चुकाने को तैयार हो जाएं।
Tata Cars Price Hike कितना फीसदी तक हुआ?
खबरों की मानें तो टाटा अपनी पेट्रोल-डीजल , सीएनजी और इलेक्ट्रिक सभी फ्यूल वेरियंत की कीमतों को 1 जुलाई 2026 से बढ़ाने जा रही है। अगर आप टाटा की पंच, नेक्सॉन, सफारी, कर्व , टियागो जैसी किसी भी फ्यूल वेरियंट को खरीदने की सोच रहे हैं तो जून के महीने में ही बुक कर लो। क्योंकि 1 जुलाई 2026 के बाद से गाड़ी बुक करने पर ज्यादा रकम चुकानी पड़ेगी। खबरों की मानें तो कंपनी ने गाड़ी की कीमत में बढ़ोतरी 1.5% तक कर दी है। इसका कारण वाहन बनाने वाले माल की कीमत बढ़ना माना जा रहा है।
टाटा की गाड़ियों के महंगा होने से ग्राहक की जेब पर कितना पड़ेगा असर?
टाटा अपने वाहनों पर अगर 1.5 फीसदी की बढ़ोरी करती है तो ग्राहक की जेब पर 10000 से ललेकर 35000 से ज्यादा का असर पड़ सकता है। इससे किस्त और इंश्योरेंस प्रीमियम भी बढ़ेगा। जिसके कारण ग्राहकों पर हजारों रुपए का प्रभाव पड़ेगा। आपको बता दें, टाटा मोटर्स की भारत में 13.4 फीसदी के आस-पास हिस्सेदारी है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों में 80 फीसदी मार्केट को कंपनी ने कैप्चर किया हुआ है। ऐसे में अगर सभी सेगमेंट की गाड़ियों के दाम बढ़ते हैं तो एक बड़े हिस्से को महंगाई झेलनी पड़ेगी।






