Budget 2026: South India को लगा झटका? बजट में Hindi भाषी राज्यों को ज्यादा फंड, Tamil Nadu-Congress नाराज; समझे इसके मायने

Budget 2026: डीके शिवकुमार, राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने इस बजट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। जिसके बाद कई तरह के सवाल उठ रहे है।

Budget 2026: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश हो चुका है। हालांकि डीके शिवकुमार, राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने इस बजट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। वहीं बजट के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस बार केंद्र सरकार ने साउथ इंडिया को दरकिनार कर दिया है। अब बजट को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है। बजट 2026 के दौरान इंफ्रा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, MSME जैसे क्षेत्रों में योजनाओं का सीधा असर रहा। जिससे रोज़गार, सुविधाएँ और समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि क्या इस बार हिंदी भाषी राज्यों को ज्यादा फंड दिया गया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

Budget 2026 में बिहार यूपी समेत कई Hindi भाषी राज्यों को मिला फायदा

केंद्र ने FY 2026‑27 के लिए राज्यों को ₹1.4 लाख करोड़ वित्त आयोग अनुदान के रूप में आवंटित किया है, जिसमें ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों के लिए अनुदान और आपदा प्रबंधन निधियाँ शामिल हैं।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी – बता दें कि वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम बनाया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को भी मंजूरी दी गई है।
  • लखनऊ में AI सिटी और सेमीकंडक्टर पार्क जैसे टेक्नोलॉजी‑और‑स्किलिंग केंद्र होंगे, जिससे युवाओं के लिए रोजगार अवसर बढ़ेंगे
  • ग्रामीण/कृषि और ग्रामीण रोजगार – AI‑आधारित कृषि सहायता प्लेटफ़ॉर्म (जैसे Bharat‑VISTAAR), मछली पालन, पशु चिकित्सा और महिला उद्यमों जैसी योजनाओं पर फोकस रखा गया है। जिससे बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के किसानों और ग्रामीण लोगों को जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है।
  • शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार – जानकारी के मुताबिक 50 हजार Tinkering Labs स्थापित करने की योजना, स्कूलों‑कॉलेजों में ब्रोडबैंड और लैंग्वेज टेक्स्टबुक सपोर्ट, साथ ही उच्च शिक्षा विस्तार कार्यक्रम जैसे कई उपाय प्रस्तावित हैं। बता दें कि इससे यूपी, एमपी, राजस्थान और बिहार के बच्चों को जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है।

राहुल गांधी ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

बजट 2026 पेश होने के बाद राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर तंज कसते हुए लिखा कि “युवा बेरोजगार। विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट। निवेशकों द्वारा पूंजी निकासी। घरेलू बचत में भारी कमी। किसान संकट में।

वैश्विक संकटों की आशंका – सब अनदेखी। एक ऐसा बजट जो सुधार करने से इनकार करता है, भारत के वास्तविक संकटों से अनभिज्ञ है”।

बजट 2026 पर क्या बोले उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार?

कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग को बढ़ावा देने की सरकार की योजना पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि “वे कहते हैं कि एमएनआरईजीए में भी मजदूरी तय करने के लिए एआई का इस्तेमाल होगा। उन्होंने कृषि सीजन के दौरान मजदूरी का भुगतान नहीं किया। एआई से कृषि को कोई लाभ नहीं होता है। चीनी की कीमत क्यों नहीं बढ़ाई जा रही है? किसानों को इसके परिणामस्वरूप नुकसान हो रहा है। अगर चीनी की कीमतें नहीं बढ़ीं, तो सहकारी क्षेत्र के बंद होने का खतरा है।

केंद्र ने किसानों को क्या मदद दी है? 8-9 साल बीत जाने के बाद भी चीनी की कीमतें नहीं बढ़ी हैं।” बेंगलुरु के लिए हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं की घोषणा पर वे कहते हैं, “कोई हाई-स्पीड ट्रेन नहीं आएगी। बेंगलुरु से बहुत उम्मीदें थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद इसे वैश्विक शहर कहा था। उन्होंने उस वैश्विक शहर पर कितना जोर दिया है? पूरी जानकारी मिलने के बाद मैं इस पर चर्चा करूंगा।”

 

 

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