Kedarnath-Badrinath Virtual Darshan: अभी तक आपने नॉर्मल वीआर यानी वर्चुअल रियलिटी वाला चश्मा पहना होगा। मगर अब वीआर की मदद से घर बैठे-बैठे मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। यह तकनीक में काफी बड़ा कदम माना जा सकता है। आजकल एआई हर क्षेत्र में अपना जलवा दिखा रहा है। ऐसे में अब एआई दूर मंदिरों को पास लेकर आ जाएगा। इससे समय की बचत होगी। साथ ही उन लोगों को सबसे बड़ा फायदा होगा, जो कि दूर मंदिरों में दर्शन करने के लिए नहीं जा सकते हैं।
वीआर Temple Darshan क्या है?
वर्चुअल रियलिटी दर्शन कंप्यूटर द्वारा जेनरेटिड 3डी पर्यावरण तकनीक है। इसे वीआर हेडसेट के जरिए या फिर फोन के जरिए देखा जा सकता है। इस तकनीक में वीआर हेडसेट में मंदिर के वास्तुकला, एबियंट लाइटिंग, रीति-रिवाज और पूजा को कैप्चर करके दिखाया जाता है। ऐसे में घर बैठे लोग 360 डिग्री व्यू के साथ पूरा मंदिर घूम सकते हैं। साथ ही घंटिया बजा सकते और भगवान के दर्शन भी कर सकते हैं।
मेटावर्स मंदिर
वीआर हेडसेट में मेटावर्स मंदिर यानी सिर्फ वीआर ही नहीं, बल्कि पूरी इंट्रैक्टिव डिजिटल दुनिया में मंदिर का अनुभव ले सकते हैं।
360° दर्शन
डिजिटल तौर पर 360° दर्शन का मतलब है कि वीआर हेडसेट या फोन के जरिए ही मंदिर के दर्शन भी हो सकते हैं। वीआर के जरिए दर्शन पूरी तरह से असली जैसे ही लगते हैं।
ऑनलाइन प्रसाद
वीआर हेडसेट के जरिए मंदिरों में ऑनलाइन प्रसाद लिया जा सकता है। ऐसे में मंदिर में मिलने वाले प्रसाद को सीधे घर पर मंगवाया जा सकता है। इसके लिए वेबसाइट, मोबाइल ऐप और वीआर प्लेटफॉर्म माध्यम बनते हैं।
डिजिटल धर्म
एआई के दौर में लोग वर्चुअल तरीके से अपने धर्म को फॉलो कर सकते हैं। इसमें मंदिर दर्शन से लेकर प्रसाद और आर्शीवाद तक शामिल होता है। साथ ही लाइव तरीके से मंदिर में होने वाली आरती और पूजा में भाग ले सकते हैं।
वीआर हेडसेट पहनो, मंदिर में घूमो, वर्चुअल दर्शन का नया ट्रेंड
केदारनाथ-बद्रीनाथ में वर्चुअल दर्शन का लाभ उठाकर कई भक्तों को बड़ी राहत मिल सकती है। वर्चुअल माध्यम से मंदिर की गैलरी, घंटिया, आरती का 3डी ऑडियो और जाप का लाभ भी मिल सकता है। इतना नहीं ही, मंदिरों में लगने वाली भीड़ को भी घर बैठे-बैठे महसूस किया जा सकता है। कई वीआर में मल्टी यूजर मोड होता है, जिसके जरिए एक साथ परिवार या दोस्तों का समूह एकसाथ दर्शन कर सकता है।
