Budget 2026: पूरे देश में बजट को लेकर सुगबगुाहट तेज हो गई है। बता दें कि इस बार बजट 1 फरवरी 2026 यानि रविवार को पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि इस बार के बजट से टैक्सपेयर्स से लेकर आम लोगों को काफी उम्मीदें है। हालांकि बजट 2026 से पहले ही करदाताओं की टेंशन बढ़ गई है। माना जा रहा है कि इस बार टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव हो सकता है। मालूम हो कि हाल ही में एक खबर काफी चर्चाओं में बनी हुई थी कि अब विभाग करदाताओं के ईमेल, कॉल डिटेल्स और दस्तावेजों की जांच कर सकता है। जिसके बाद करदाताओं की टेंशन बढ़ सकती है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Budget 2026 से पहले करदाताओं की बढ़ी टेंशन
गौरतलब है कि बजट 2026 से पहले करदाताओं की कई मुद्दों पर चिताएं बढ़ गई है। जिसमे नकम टैक्स स्लैब में बदलाव, रिफंड प्रक्रिया में सुधार, विवादों का समाधान और टैक्स नियमों की सादगी शामिल है। वहीं अब खबर यह भी सामने आ रही है कि अब आयकर विभाग करदाताओं की प्राइवेट डिटेल्स भी एक्सेस कर सकेगा।
हालांकि विभाग ने यह साफ किया है कि अगर किसी प्रकार की अनियमितताओं होती है, तो उस मामले में जांच हो सकती है। हालांकि रिफंड को लेकर भी टैक्सपेयर्स की चिंता बढ़ी हुई है, क्योंकि अभी तक बड़ी संख्या में ऐसे करदाता है, जिनका रिफंड नहीं आया है। और ना ही किसी प्रकार की जानकारी सामने आ रही है।
बजट 2026 में टैक्सपेयर्स की क्या है मांग?
गौरतलब है बजट 2026 की तारीख का ऐलान होते ही सभी सेक्टर केंद्र सरकार की तरफ उम्मीद से देख रहे है। वहीं बजट 2026 को लेकर करदाता सेक्शन 80सी जैसी छूटों की सीमा बढ़ाने, होम-लोन पर छूट और बचत/निवेश उत्पादों पर लाभ और अच्छा बनाया जाए। टैक्स फाइलिंग और दस्तावेज़ प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, जैसी मांगे शामिल है। टीडीएस/टिसएस (TDS/TCS) नियमों में संशोधन कर कम जटिलता। आईटीआर फाइल प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 अगले अप्रैल से लागू होने वाला है। करदाताओं की मांग है कि बजट इसका स्पष्ट रोडमैप बताया जाए।






