Delhi Dehradun Expressway: देश के सबसे चर्चित और खूबसूरत एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो चुका है। हम बात कर रहे है Delhi Dehradun Expressway के बारे में, इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की दूरी केवल 2.5 घंटे की हो गई है। जबकि इससे पहले 6-7 घंटे का समय लगता था। वहीं यह एक्सप्रेसवे पर्यटन के साथ-साथ रियल्टी सेक्टर में भी एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। खासकर पश्चिमी यूपी के कई जिलों के लिए, 212 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को चार सेक्शन में पूरा किया गया है। देहरादून के अलावा दिल्ली से चारधाम, मसूरी, धनौल्टी जैसे हिल स्टेशनों की भी पहुंच आसान हो जाएगी। आईए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Delhi Dehradun Expressway पश्चिमी यूपी के लिए साबित होगा वरदान
बता दें कि Delhi Dehradun Expressway के शुरू होने पश्चिमी यूपी के कई शहरों के लिए वरदान साबित होने जा रहा है। खासकर रियल्टी सेक्टर में, कनेक्टिविटी बढ़ने के कारण पश्चिमी यूपी के कई शहरों पर प्रॉपर्टी के रेट में जबरदस्त बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके साथ ही सहारनपुर, बागपत, शामली जैसे शहरों में रेट में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके अलावा Delhi Dehradun Expressway के शुरू होने से रियल स्टेट डेवलपर्स भी आगे आ रहे है और नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, टाउनशिप और कमर्शियल स्पेस विकसित करने की योजना बना रहे है।
इसके अलावा एक्सप्रेसवे के आसपास की जमीनों की कीमतों में तेजी से वृद्धि देखने को मिल सकती है। पहले जो इलाके कम विकसित थे, अब वे निवेश के हॉटस्पॉट बन सकते हैं। विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन के लिहाज से क्यों खास है ये एक्सप्रेसवे?
पर्यटन के लिहाज से भी Delhi Dehradun Expressway काफी खास होने वाला है। अगर आप दिल्ली में रहते है तो आप वीकेंड पर पहाड़ों का लुत्फ उठा सकेंगे। अगर देहरादून के अलावा धनौल्टी, मसूरी, जैसे हिल स्टेशनों पर जाना चाहते है तो भी ये एक्सप्रेसवे एक वरदान साबित होने वाला है। इसके अलावा कानाताल, चकराता जो सेब के बाग, कैंपिंग स्थल और शांत पहाड़ी, झरने, गुफाएं और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है।
वहां भी आप आसानी से घूम सकेंगे। यानि वीकेंड पर पहाड़ घूमने का सपना अब पूरा हो सकेगा। साथ ही व्यापार के लिहाज से भी यह रूट काफी अहम होने वाला है। माना जा रहा है कि गाजियाबाद समेत कई जगहों पर लॉजिस्टिक हब बनाने पर विचार किया जा रहा है।
