Donald Trump: कहते है ना दुनिया की राजनीति में यूं ही कुछ नहीं होता है। मालूम हो कि पिछले कई महीनों से डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत पर रूसी तेल ना खरीदने की दवाब बना रहे थे। जिसके एवज नें अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर 50 प्रतिशत का भारी भरकम टैरिफ लगा दिया था। धीरे-धीरे अब स्थिति साफ हो रही है कि आखिर अचानक ट्रंप ऐसा क्यों कर रहे थे।
एक्सपर्ट का मानना है कि वेनेजुएला में जो घटना हुई अमेरिकी सरकार की तैयारी बहुत पहले से थी। क्योंकि दुनिया में सबसे ज्यादा तेल भंडार वेनेजुएला के पास है, और अब इसका सारा एक्सेस डोनाल्ड ट्रंप के पास है। यानि अब ट्रंप दुनिया को यह तेल बेचेंगे। जिसमे भारत भी शामिल है। यह कहना गलत नहीं होगा कि ट्रंप लगातार इसलिए ही रूस से तेल ना खरीदने का दवाब बना रहे है।
भारत के खिलाफ Donald Trump की नई चाल से हड़कंप
मालूम हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह ऐलान किया था कि वह बड़ी संख्या में वेनेजुएला से तेल लेंगे। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि अमेरिका जल्द दुनिया के देशों में यह तेल बेचने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस्टोफर राइट ने कहा था कि वॉशिंगटन लगभग सभी देशों को वेनेजुएला का तेल बेचने के लिए तैयार है। जिसके बाद अब धीरे-धीरे यह साफ हो रहा है कि आखिर ट्रंप लगातार भारत को रूस से तेल नहीं खरीदने पर जोर क्यों दे रहे थे। हालांकि भारत ने इस मामले पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। मालूम हो कि हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भारत पहुंचे थे, और पीएम मोदी के साथ कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी।
भारत का अगला प्लान तैयार
बता दें कि बीते दिन भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने यह साफ कर दिया था कि भारत की 140 करोड़ की आबादी के लिए सरकार किसी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है। भारत अपने देश के नागरिकों को सस्ते तेल महुैया कराने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। माना जा रहा है कि यह डोनाल्ड ट्रंप की सीधा जवाब है कि भारत उनके हिसाब से नहीं चलेगा और अपने हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तत्पर है।
गौरतलब है कि भारत की तेजी से बढ़ती और विशाल ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए उसे वेनेजुएला का कच्चा तेल फिर से खरीदने की इजाजत देने को तैयार है। हालांकि अब देखने दिलचस्प होगा कि दुनिया के बदलते परिदृश्य के बीच भारत कैसे आगे बढ़ता है। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी ग्रोथ 7.4 रहने का अनुमान बताया है।






