Donald Trump: ‘ऐसा करने की अनुमति क्यों..’ अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से मोदी सरकार की बढ़ेगी टेंशन! क्या भारत पर फिर फूटेगा टैरिफ बम? जानें सबकुछ

Donald Trump: भारत और अमेरिका के बीच एक बार फिर टेंशन बढ़ सकती है। जानकारी के मुताबिक ट्रंप एक बार फिर भारत पर टैरिफ बम फोड़ सकते है।

Donald Trump: हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने दो दिवसीय भारतीय दौरे पर पहुंचे थे। गौरतलब है कि पीएम मोदी और पुतिन के बीच कई अहम मुद्दों पर समझौते हुए थे। माना जा रहा है कि यह बात जिन नेताओं को सबसे बुरी लगी वह थे डोनाल्ड ट्रंप, वहीं अब इसका असर भी देखने को मिल रहा है। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से हलचल तेज हो गई है।

बीते दिन व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राज्य अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से पूछा कि “अमेरिका में चावल डंप करने की अनुमति क्यों दी गई है”। इसके बाद से ही कयासो का बाजार गर्म हो गया है कि क्या अमेरिका भारत पर एक बार फिर टैरिफ लगाने जा रहा है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से मोदी सरकार की बढ़ेगी टेंशन

बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संयुक्त राज्य अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से पूछा, “भारत को अमेरिका में चावल डंप करने की अनुमति क्यों दी गई है? उन्हें टैरिफ का भुगतान करना होगा। क्या उन्हें चावल पर छूट है?”

इसपर संयुक्त राज्य अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जवाब दिया, “नहीं, महोदय। हम अभी भी उनके व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं।” इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कहा कि “उन्हें (चावल) डंप नहीं करना चाहिए। वे ऐसा नहीं कर सकते”। मालूम हो कि अमेरिका ने भारत पर पहले ही 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया है। वहीं अब कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या एक बार फिर भारत पर टैरिफ लगने जा रहा है?

क्या भारत पर फिर फूटेगा टैरिफ बम?

डोनाल्ड ट्रंप के बयान से एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है कि क्या अमेरिका भारत पर टैरिफ लगाने जा रहा है। मालूम हो कि अमेरिकी सरकार की तरफ से पहले ही भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया गया है। वहीं अब चावल डंपिंग को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे है, जिससे भारत की टेंशन बढ़ सकती है। माना जा रहा है कि यह सब उस वक्त हो रहा है, जब रूस के राष्ट्रपति पुतिन भारत आए थे।

वहीं पीएम मोदी और भारत सरकार ने उनका खुली तौर पर स्वागत किया था। इसके अलावा ट्रंप की तरफ से लगातार यह कहा जा रहा था कि भारत सरकार धीरे-धीरे रूस से तेल खरीदना कम करेगी, लेकिन पुतिन के दौरे से यह साफ हो गया है कि भारत रूस से तेल खरीदना कम नहीं कर रहा है। वहीं अब देखना दिचलस्प होगा कि क्या अमेरिका फिर से भारत पर टैरिफ बम फोड़ने जा रहा है।

Exit mobile version