Ethanol: पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसने मीडिल क्लास की टेंशन बढ़ा दी है। गौरतलब है कि मीडिल ईस्ट में एक बार युद्ध शुरू हो गया है। जिसके बाद एक बार फिर दुनिया समेत कई देशों में आर्थिक संकट गहराने लगा है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, ताकि पेट्रोल -डीजल के बढ़ते दाम को रोका जा सके।
जानकारी के मुताबिक सरकार ने 22%, 25%, 27% और 30% इथेनॉल वाले पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज़ ड्यूटी में छूट बढ़ा दी है। BIS स्टैंडर्ड के मुताबिक़ फ्यूल ब्लेंड्स पर एक्साइज़ ड्यूटी की दर शून्य होगी। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
22 प्रतिशत इथेनॉल पर सरकार ने खत्म की एक्साइज ड्यूटी
22% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल, जो आयतन के हिसाब से 78% मोटर स्पिरिट (जिसे आम तौर पर पेट्रोल कहा जाता है) और 22% इथेनॉल का मिश्रण है। 25% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल, जो एक मिश्रण है – जिसमें आयतन के हिसाब से 75% मोटर स्पिरिट (जिसे आम तौर पर पेट्रोल कहा जाता है) शामिल है, और जिस पर उचित उत्पाद शुल्क (excise duty) का भुगतान किया जा चुका है।
ऐसे ही 27 और 30 प्रतिशत इथेनॉल पर एक्साइज ड्यूटी को खत्म कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इससे पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई उसके सामान्य रखने में फायदा मिलेगा। एक्सपर्ट के मुताबिक सरकार के सामने कुछ चुनौतियां भी शामिल है।
क्या होता है इथेनॉल?
इथेनॉल एक जैविक ईंधन (बॉयोफ्यूल) है, जिसे मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर उपयोग किया जाता है। वर्तमान में भारत में E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को बढ़ावा दिया जा रहा है और सरकार भविष्य में इससे भी अधिक मिश्रण वाले ईंधन पर काम कर रही है।
माना जा रहा है कि धीरे-धीरे इथेनॉल का तेजी से किया जाता है और इसका उपयोग पेट्रोल में किया जाता है तो इससे कच्चे तेल की निर्भरता कम होगी। साथ ही पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हो सकते है। सबसे खास बात है कि भारत के इसके निर्माण से दाम और सस्ते हो सकते है।
