Financial Rules Change from 1st April 2026: मार्च का महीना खत्म होने वाला है। मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध से एनर्जी संकट गहराने लगा है। इसी बीच भारत में हर महीने की पहली तारीख को कई तरह के नियमों में बदलाव देखने को मिलते हैं। इसी तरह 1 अप्रैल को भी कई ऐसे बदलाव होने जा रहे हैं जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा, जो आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। चलिए आपको बताते है कि 1 सितंबर से किन नियमों में बदलाव होंगे।
फास्टैग नियमों में होने जा रहा है बदलाव
एनएचएआई द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल से 3000 हजार की जगह अब गाड़ी चालकों को फास्टैग के लिए 3075 रूपये देने होगा। मालूम हो कि यह पास निजी वाहनों के लिए है। यानि अगर आप फॉस्टैग लेते है, तो इतने ही पैसे में एक्सप्रेसवे पर 200 ट्रिप कर सकते है। माना जा रहा है कि इससे 50 लाख से ज्यादा यूजर्स पर असर पड़ने वाला है।
एटीएम निकासी नियमों में बदलाव
एचडीएफसी द्वारा दी जानकारी के अनुसार यूपीआई के माध्यम से अगर ग्राहक पैसे निकालता है, तो भी उसे ट्रांजैक्शन से जोड़ा जाएगा। यानि अगर 5 ट्रांजैक्शन से अधिक हो जाता है यूपीआई और कार्ड से मिलाकर तो बैक द्वारा ग्राहकों से चार्ज लिया जाएगा। बता दें कि हर ट्रांजैक्शन पर 23 रूपये + जीएसटी चार्ज देना होता है।
टिकट कैंसिल नियमों में होगा बड़ा उलटफेर
रेलवे ने टिकट कैंसिल कराने के नियमों में बदलाव किया है। अब टिकट कैंसिल कराने पर जेब पर असर पड़ेगा। रेलवे ने सख्ती अपनाते हुए कन्फर्म टिकट के नियम में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक अगर 72 घंटे से पहले टिकट कैंसिल किया जाता है, तो उसे सबसे ज्यादा रिफंड मिलेगा। वहीं 72 से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर 25 प्रतिशत काट लिया जाएगा।
अगर 24 घंटे से 8 घंटे के अंदर टिकट कैंसिल किया जाता है या टिकट का 50 प्रतिशत काट लिया जाएगा। ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय में कैंसिलेशन किया जाता है तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा।






