Income Tax News: आज से इनकम टैक्स नियमों में कई बड़े बदलाव किए गए है। बता दें कि इनकम टैक्स नियम 1961 को बदल दिया गया है, जिसका सीधा असर नौकरीपेशा और करदाताओं को होगा। पुराने टैक्स नियमों के तहत करदाताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, साथ ही जटिलताओं के कारण करदाताओं को सीए की मदद लेनी पड़ती थी। जिसे देखते हुए आज यानि 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स का नया नियम लागू हुआ है।
माना जा रहा है कि इस नए नियम से नौकरीपेशा और करदाताओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
नया टैक्स कानून में नौकरीपेशा लोगों की होगी बल्ले-बल्ले
मोदी सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को हटाया दिया है और आज से नया कानून लागू हो चुका है। सबसे खास बात है कि नए कानून के तहत पूरे सिस्टम को आसान और डिजिटल फ्रैंडली बनाया गया है।
जानकारी के मुताबिक सैलरी के तरीकों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए है। बेसिक सैलरी के साथ-साथ कई भत्ते जुड़े होंगे। जिसमे कंपनी कार, घर बिजली-पानी, क्लब मेंबरशिप, गिफ्त आदि शामिल है।
इसके अलावा एचआरए नियमों में बदलाव किया गया है। साथ ही शिक्षा और हॉस्टल अलाउंस को बढ़ाया गया है। बच्चों के शिक्षा भत्ते में छूट की राशि 100 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह, प्रति बच्चा कर दी गई है। छात्रावास व्यय भत्ता भी 300 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह, प्रति बच्चा कर दिया गया है।
इसके साथ ही पैनकार्ड से जुड़े नियमों में उलटफेर देखने को मिलेगा। पहले की तरफ केवल आधार कार्ड से पैन कार्ड नहीं बनेगा। उसे बनाने के लिए अन्य दस्तावेज भी अनिवार्य होंगे। वहीं अगर कोई 20 लाख से ऊपर प्रॉपर्टी डील में पैन जरूरी कर दिया है।
करदाता इन बातों को ना करें इग्नोर – Income Tax News
1 अप्रैल यानि आज से अगर टैक्सपेयर्स ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनना चाहते है तो उनको पहले, अलग से विकल्प चुनना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते है तो न्यू टैक्स रिजीम के तहत ही माना जाएगा। बता दें कि ओल्ड टैक्स में कई तरह के डिडक्शन है। जैसे स्टैंडर्ड डिडक्शन, 80सी, एचआरए, हेल्थ इंश्योरेंस समेत कई अन्य डिडक्शन शामिल है।
रिटर्न दाखिल करते वक्त करदाताओं को सटीक जानकारी देनी होगी, नहीं तो उनपर आयकर विभाग द्वारा कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा अंतिम तारीखों का भी अवश्य ध्यान रखें, ताकि किसी प्रकार की दिक्कतें ना हो।
