Indian Economic: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध और रूपये में लगातार गिरावट के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है। जिसने लोगों सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल आईएमएफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत एक बार फिर दुनिया की 6वीं अर्थव्यवस्था बन गया है। यह सिलसिला 2026 में रहने की उम्मीद है। वहीं एक्सपर्ट यह मान रहे है कि 2027 में भारत की अर्थव्यस्था दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। मालूम हो डॉलर के मुकाबले रूपये में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जो एक चिंता का विषय बना हुआ है। आईए आपको बताते है इससे जुड़े सभी जरूरी अपडेट्स।
रूपये में गिरावट के बीच अर्थव्यवस्था रैंकिंग में बड़ा उलटफेर
बता दें कि डॉलर के मुकाबले रूपये में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जिससे आयात लागत में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति और रैंकिंग पर भी असर डाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह गिरावट लंबे समय तक जारी रहती है, तो इसका व्यापक प्रभाव आम लोगों से लेकर उद्योग जगत तक देखने को मिल सकता है।
वहीं आईएमएफ ने जीडीपी ग्रोथ ने 6-7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। यह गिरावट अर्थव्यवस्था के पतन का संकेत नहीं देती। माना जा रहा है कि मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी की वजह से रूपये में गिरावट दर्ज की जा रही है।
इस वजह से गिर रहा है रूपया!
बता दें कि डॉलर में लगातार मजबूती के कारण रूपये में गिरावट दर्ज की जा रही है। जो भारत के लिए एक चिंता का विषय है।
दूसरा यह की भारत तेल आयात पर निर्भर है और महंगे क्रूड ऑयल से रूपये की मांग आपूर्ति के कारण संतुलन बिगड़ रहा है। इसके अलावा विदेशी निवेश में लगातार कमी देखी जा रही है।
इसके अलावा मीडिल ईस्ट से मंदी की आशंका बढ़ गई है। इसके साथ ही -राजनीतिक तनाव भी करेंसी को प्रभावित करते हैं। इन्हीं कुछ कारणों से रूपये में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि आईएमफ का यह भी कहना है कि भारत जल्द ही वापसी करेगा और 2031 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की और अग्रसर है।






