India France Deal: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत की यात्रा पर है। कई मायनों में यह यात्रा अहम मानी जा रही है। इसी बीच दोनों देशों के बीच 20 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। गौरतलब है कि ये डील रक्षा क्षेत्र के लिए एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। जो कई मायने में काफी अहम है। वहीं राफेल विमान को लेकर भी दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए। सबसे खास बात है कि 50 फीसदी तक यह अत्याधुनिक फाइटर जेच भारत में मैन्युफैक्चर किए जाएंगे। यानि भारत आत्मनिर्भर के रूप में भी आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि इस डील से चीन, पाकिस्तान की टेंशन बढ़ सकती है। आईए समझते है इस डील की खासियत।
India France Deal दोनों देशों के लिए साबित होगा गेमचेंजर
बता दें कि फ्रांस और भारत के बीच 20 से अधिक करार समझौते हुए। कई क्षेत्रों में इस डील की घोषणा की गई –
- रक्षा सहयोग विस्तार– रक्षा तकनीक, कौशल, और साझा उत्पादन पर समझौते।
- राफेल जेट्स और निर्माण सहयोग – भारत में लड़ाकू विमानों पर बड़ा समझौता प्रस्तावित (114 अतिरिक्त Rafale jets) और लोकल मेक-इन-इंडिया पहल।
- H125 हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन – कर्नाटक में नई हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन।
- HAMMER मिसाइल्स का साझेदार निर्माण – भारत में Hammer मिसाइलों का संयुक्त उत्पादन।
क्रिटिकल मिनरल्स और एडवांस्ड मटेरियल्स पर भी समझौता हुआ, जो कई मायनों में दर्शाता है कि कैसे भारत और फ्रांस के बीच यह डील महत्वपूर्ण है।
पीएम मोदी ने ट्वीट कर इमैनुएल मैक्रों का जताया धन्यवाद
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “मैंने मुंबई में राष्ट्रपति मैक्रोन के साथ गहन चर्चा की। आज की बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि हमने भारत-फ्रांस संबंधों को एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया है। हमारी साझेदारी वैश्विक स्तर पर स्थिरता और प्रगति के लिए सहायक है।
J’ai eu des entretiens approfondis avec le Président Macron à Mumbai. La réunion d’aujourd’hui revêt une importance particulière puisque nous avons élevé la relation Inde-France au rang de Partenariat stratégique global spécial. Notre partenariat est au service de la stabilité et… pic.twitter.com/WKy1Y3o6Xn
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
हमने उद्योग, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। हमारे दोनों देश स्टार्टअप और लघु एवं मध्यम उद्यमों के बीच मजबूत नेटवर्क विकसित करेंगे, छात्र एवं शोधकर्ता आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे और नए संयुक्त नवाचार केंद्र स्थापित करेंगे”।
