Jet Fuel Price Hike: भारत में भी मीडिल ईस्ट में चल रहे भीषण युद्ध का असर देखने को मिल रहा है। 1 अप्रैल 2026 को सरकार की तरफ से जेट फ्यूल प्राइस से लेकर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में बड़ा उलटफेर किया है, जिसके बाद रेस्टोरेंट और होटल मालिकों की चिंता बढ़ गई है। वहीं आज सुबह एक ऐसी खबर आई, जिसने हवाई यात्री के मन में डर पैदा कर दिया था।
दरअसल आज सुबह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने जेट फ्यूल की कीमतों को बढ़ाकर दोगुना कर दिया था। जो की होता है, 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर, यानि दोगुना, हालांकि मोदी सरकार की तरफ से कुछ घंटों बाद इन दामों में फिर से फेरदबदल कर दिया गया है। चलिए आपको समझाते है कि क्या है पूरा माजरा।
Jet Fuel Price Hike के बाद मोदी सरकार के फैसले से हलचल तेज
बता दें कि आज सुबह तेल कंपनियों की तरफ से जेट फ्यूल प्राइस में करीब 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद माना जा रहा है कि घरेलू उड़ान के दामों में जबरदस्त वृद्धि हो सकती है, लेकिन कुछ घंटे बाद ही मोदी सरकार ने फ्यूल प्राइस में बड़ा फेरबदल कर दिया था।
इसके बाद पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई, जिसमे कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी वृद्धि से घरेलू यात्रा लागत को बचाने के लिए, पेट्रोलियम मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के परामर्श से, एयरलाइनों पर केवल 25% (केवल 15 रुपये प्रति लीटर) की आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि लागू की है। हालांकि इंटरनेशनल फ्लाइटों में सफर करने वाले यात्रियों को पूरा किराया देना होगा।
जेट फ्यूल प्राइस की बढ़ोतरी पर यात्रियों पर कितना पड़ेगा असर?
मालूम हो कि मीडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के कुछ दिन बाद ही विमान कंपनियों ने Jet Fuel Price Hike को लेकर अहम जानकारी दी थी। जिसके बाद फ्लाइट के दामों में 1000 से 1500 रूपये की बढ़ोतरी होने की आशंका है। इसी बीच एक बार फिर ईंधन के दामों में बढ़ोतरी हुई है, हालांकि मोदी सरकार के फैसले के बाद माना जा रहा है कि टिकट के दामों में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। यानि यह तो साफ है कि हवाई सफर अब और महंगा हो चुका है और अगर युद्ध यूं ही चलता है तो हवाई यात्रियों को और मुसीबतें बढ़ सकती है। वहीं विदेश जाने वाले यात्रियों की टिकट के रूप में मोटी रकम चुकानी होगी।





