Shehbaz Sharif: पाकिस्तान एक बार फिर चर्चा में बना हुआ है। दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ट्वीट ने पाक की पोल खोलकर रख दी है। यह पूरी दुनिया को पता है कि पाकिस्तान को उनकी सेना द्वारा संचालित किया जाता है। नाम के लिए वहां पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनाया जाता है। हालांकि पड़ोसी मुल्क ने सरेआम यह कभी माना नहीं है, लेकिन यह सच है।
दरअसल मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ट्रंप ने अब्राहम समझौता यानी “अब्राहम अकॉर्ड्स” पर जोर दिया है। इस समझौते के तहत कुछ मुस्लिम देशों ने इजरायल के साथ अपने रिश्ते सामान्य किए है। वहीं एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कतर, यूएई, पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देश को एक साथ आने और समझौता करने का न्यौता दिया है। हालांकि उस ट्वीट में एक बात अजीब लगी कि ट्रंप ने बाकि देशों के राष्ट्रअध्यक्षों को आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान में फील्ड मार्शल आसीम मुनीर का नाम नहीं लिया, जबकि कायदे से यह नाम Shehbaz Sharif का होना चाहिए था। आईए समझाते है इसके मायने।
डोनाल्ड ट्रंप ने पाक की खोली पोल
दरअसल डोनाल ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है! या तो सभी के लिए एक बड़ा समझौता होगा, या फिर कोई समझौता नहीं होगा – यानी फिर से युद्ध के मैदान में गोलीबारी होगी, लेकिन पहले से कहीं ज्यादा बड़ी और मजबूत लड़ाई – और कोई भी ऐसा नहीं चाहता!
शनिवार को सऊदी अरब के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद, संयुक्त अरब अमीरात के मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, कतर के अमीर तमीम बिन हमद बिन खलीफा अल थानी, प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम बिन जाबेर अल थानी और मंत्री अली अल-थवादी, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर अहमद शाह, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन,
𝗗𝗼𝗻𝗮𝗹𝗱 𝗝. 𝗧𝗿𝘂𝗺𝗽 𝗧𝗿𝘂𝘁𝗵 𝗦𝗼𝗰𝗶𝗮𝗹 𝗣𝗼𝘀𝘁 – 𝟬𝟴:𝟮𝟯 𝗔𝗠 𝗘𝗦𝗧 𝟬𝟱.𝟮𝟱.𝟮𝟲
🚨President Trump just dropped a big update on Iran below and he’s pushing hard to expand the historic Abraham Accords across the entire Middle East perhaps potentially bringing…
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) May 25, 2026
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी, जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ हुई मेरी चर्चा के दौरान, मैंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा इस बेहद जटिल पहेली को सुलझाने के लिए किए गए सभी प्रयासों के बाद, यह अनिवार्य होना चाहिए कि ये सभी देश कम से कम एक साथ समझौते पर हस्ताक्षर करें।”
अब अब्राहम समझौते की बात करते हैं। जिन देशों पर चर्चा हुई है, वे हैं सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (जो पहले से ही सदस्य है!), कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन (जो पहले से ही सदस्य है!)। हो सकता है कि एक-दो देशों के सदस्य न बनने का कोई कारण हो, जिसे स्वीकार कर लिया जाएगा, लेकिन अधिकांश देश ईरान के साथ इस समझौते को ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम होंगे, अन्यथा यह समझौता इतना ऐतिहासिक नहीं होता।
क्या असीम मुनीर है पाक के प्रधानमंत्री?
गौरतलब है कि ट्रंप के इस ट्वीट के बाद कयासो का बाजार गर्म हो गया है कि क्या Shehbaz Sharif केवल एक मोहरा है, असली प्रधानमंत्री आसीम मुनीर है। हालांकि यह दुनिया को पता है कि पाक को उसकी आर्मी द्वारा संचालित किया जाता है। वहीं अब अमेरिकी राष्ट्रपति के इस ट्वीट ने सबकुछ साफ कर दिया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि दुनिया के सामने एक बार फिर पाक की पोल खुल गई है।






