Namo Bharat Train: दिल्ली-गाजियाबाद-आरआरटीएस मेरठ कॉरिडोर के सफल होने के बाद अब रैपिड रेल प्रोजेक्ट के तहत कई रूटों पर यह कॉरिडोर बनाने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है। जिसमे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और यूपी शामिल है। इसके अलावा नमो भारत ट्रेन को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दिल्ली एयरपोर्ट तक कनेक्ट किया जाएगा। बता दें कि कई रूटों के प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि सरकार की मंजूरी के बाद कई रूटों पर डीपीआर तैयार किया जाएगा। सबसे खास बात है कि दिल्ली-एनीआर की कनेक्टिविटी और आसान हो जाएगी, साथ ही बेहद कम समय में एक से दूसरी जगह पहुंचना आसान हो जाएगा। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
कई रूटों पर होगा Namo Bharat Train का संचालन
बता दें कि दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के बाद अब कई रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जिसमे दिल्ली पानीपत करनाल रैपिड रेल कॉरिडोर, गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट RRTS कॉरिडोर शामिल है। माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से 8 शहरों के बीच नमो भारत ट्रेन का संचालन जारी रहेगा।
सबसे खास बात है कि नमो भारत ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली, फरीदाबाद, गुरूग्राम, रेवाड़ी, पानीपत, सोनीपत जैसे शहरों से दिल्ली की कनेक्टिविटी और तेज हो जाएगी। बता दें कि नमो भारत ट्रेन 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ती है। बता दें कि दिल्ली गुरुग्राम मानेसर बावल और दिल्ली पानीपत करनाल रैपिड रेल रूट पर पहले ही काम आगे बढ़ चुका है और केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
इन 8 शहरों में रोजगार के नए अवसर होंगे पैदा
बता दें कि नमो भारत ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली-समेत एनसीआर के 8 शहरों को जबपदस्त फायदा होने की उम्मीद है। जहां रोजगार और विकास का नए माध्यम खुलेंगे। जानकारी के मुताबिक बता दें कि नए आरआरटीएस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, सोनीपत, पानीपत, गुरूग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, अलवर को जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है।
सबसे खास बात है कि दिल्ली से कनेक्टिविटी तो आसान होगी ही, साथ ही इससे बनने से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। जिसमे टैक्सी, ऑटो स्टैंड, रेस्टोरेंट, मॉल, होटल भी खुलेंगे। ताकि यात्री आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी। रोज़गार वाले शहरों और उपनगरों में यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कई किलोमीटर की दूरी चंद मिनटों में पूरी होगी। जिससे राजस्थान तक आना जाना आसान हो जाएगा।
