Namo Bharat Train: अगर आप भी दिल्ली से मेरठ का सफर करना चाह रहे है, तो आपके पास अब से बहुत सारे विकल्प हो जाएंगे। बता दें कि पीएम मोदी ने आज दिल्ली से मेरठ के बीच नमो भारत ट्रेन के बचे हुए स्टेशन को हरी झंडी दिखाई। यानि अब आरआरटीएस कॉरिडोर का पूरा 82 किलोमीटर का हिस्सा शुरू हो गया है। अब दिल्ली से मेरठ की दूरी केवल 55 मिनट में पूरी हो सकेगी। जो कई मायने में गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। आज इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे की नमो भारत ट्रेन या भारतीय रेलवे दिल्ली से मेरठ के लिए कौन है बेहतर विकल्प?
Namo Bharat Train से कैसे पहुंचे दिल्ली से मेरठ
पीएम मोदी ने आज आआरटीएस रूट के बचे हुए स्टेशन को हरी झंडी दिखाई, जिसके बाद अब पूरा कॉरिडोर का संचालन शुरू हो गया है। यानि दिल्ली से मेरठ का सफर अब नमो भारत ट्रेन से पूरा किया जा सकेगा। अगर दूरी की बात करें तो 82 किलोमीटर की दूरी केवल 55 मिनट में पूरी हो सकेगी। किराए की बात करें तो न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक स्टैंडर्ड किराया 150 रूपये है। हालांकि यह पूरा रूट नहीं है। पीएम मोदी ने आज ही बाकी के 27 किलोमीटर रूट को हरी झंडी दिखाई है। जिसके बाद माना जा रहा है कि यह किराया 200 से 220 रूपये के आसपास रह सकता है। इसके अलावा इस ट्रेन की खासियत की बात करें तो इसमे समय काफी कम लगेगा, साथ ही यात्रियों को ट्रेन के भीतर एसी, चार्जिंग प्वाइंट समेत कई सभी प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी।
दिल्ली से मेरठ रेल से कैसे पहुंचे
भारतीय रेलवे की बात करें तो स्लीपर क्लास में दिल्ली से मेरठ की दूरी करीब 1घंटा 16 मिनट के आसपास में पूरी होगी। वहीं अगर किराए की बात करें तो इसका किराया करीब 150 रूपये रहने वाला है। वहीं अगर एसी के किराए की बात करें तो करीब 400 रूपये के आसपास रहने की उम्मीद है, और समय लगभग 1 घंटे 20 मिनट लगेगा। कुल मिलाकर ट्रेन से मेरठ पहुंचने में ज्यादा वक्त लगेगा। साथ ही एसी का किराया भी ज्यादा है।
कौन है यात्रा के लिए बेहतर विकल्प
अगर आप जल्दी में मेरठ से दिल्ली या दिल्ली से मेरठ पहुंचने की सोच रहे है तो आपके लिए नमो भारत एक बेहतर विकल्प साबित होने जा रहा है, क्योंकि मात्र 55 मिनट में आप मेरठ पहुंच सकेंगे। इसके अलावा ट्रेन के भीतर एसी के साथ लग्जरी सुविधाएं मिलेंगी। वहीं अगर ट्रेन की बात करें तो कई बार ट्रेन अपने निर्धारित समय से लेट चलती है। हालांकि यह यात्री पर निर्भर करता है कि उनके लिए कौन सा विकल्प बेहतर हो सकता है।






