Nashik News: राष्ट्रीय महिला आयोग ने TCS मामले में उठाया यह बड़ा कदम, कंपनी ने यौन उत्पीड़न केस में शामिल कर्मचारियों पर लिया सख्त एक्शन

Nashik News: टीसीएस नासिक यौन उत्पीड़न मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए एक समिति का गठन किया है। वहीं, कंपनी ने इस मामले में सम्मिलित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर एक्शन लिया गया है।

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Nashik News: महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की बीपीओ यूनिट में काम करने वाली महिला कर्मचारियों की ओर से यौन उत्पीड़न और और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के बाद हंगामा मच गया है। ऐसे में इस मामले में एनसीडब्ल्यू यानी राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न की घटनाओं के लिए एक समिति का गठन किया है। एनसीडब्ल्यू ने कहा, ‘राष्ट्रीय महिला आयोग ने महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की बीपीओ यूनिट में महिलाओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटनाओं से जुड़ी मीडिया की गंभीर रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है।’

नासिक केस में एनसीडब्ल्यू ने उठाया यह कदम

महिला आयोग ने कहा, ‘इन रिपोर्टों से पता चलता है कि धार्मिक रीति-रिवाजों से जुड़ी एक शिकायत के बाद शुरू हुई शुरुआती जांच में कुछ परेशान करने वाले आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों में सुपरवाइजरी पदों पर बैठे कुछ लोगों द्वारा महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, बलात्कार और जबरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोशिशें शामिल हैं।’

वूमन कमीशन ने आगे कहा, ‘इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, आयोग ने ‘राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990’ की धारा 8 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस घटना की विस्तृत जाँच करने के लिए एक ‘तथ्य-खोज समिति’ का गठन किया है। यह समिति 18 अप्रैल, 2026 को घटना स्थल का दौरा करेगी।’

आयोग ने बताया, ‘ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने और कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने हेतु उपचारात्मक उपायों का सुझाव दें। समिति एनसीडब्ल्यू अधिनियम, 1990 की धारा 10(4) के साथ पठित धारा 10(1) के प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी, और उसे 10 कार्य दिवसों के भीतर आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक है। जांच पूरी होने पर, समिति अपने निष्कर्ष आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करेगी।’

नासिक मामले पर टीसीएस ने लिया सख्त एक्शन

उधर, नासिक की इस घटना पर टीसीएस ने रविवार को कहा, ‘कंपनी ने लंबे समय से किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति अपना रखी है। कंपनी ने इस बात की पुष्टि की कि नासिक स्थित उसके दफ्तर में कथित तौर पर यौन उत्पीड़न में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।’ सोमवार को टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सेक्सुअल हैरेसमेंट को बहुत चिंताजनक और तकलीफ देने वाला बताया और कहा कि टीसीएस की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यम के तहत तथ्यों का पता लगाने और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए पूरी जांच चल रही है।

वहीं, नासिक टीसीएस में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न का मामले कंपनी की ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चैनानी को कोर्ट में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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