खुशखबरी! लोन धारकों के लिए RBI का बड़ा गिफ्ट, फोरक्लोजर शुल्क में आया बड़ा बदलाव! पढ़े पूरी रिपोर्ट

RBI: बिजनेस लोन धारकों के लिए आरबीआई जल्द एक विशेष तोहफा देने जा रहा है, जिससे लाखों धारकों को फायदा होने की उम्मीद है।

RBI: लोन धारकों के लिए जल्द RBI यानि (Reserve Bank Of India) जल्द बड़ा तोहफा देने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक आरबीआई ने फोरक्लोजर शुल्क को खत्म करने का एक प्रस्ताव रखा है, जिसमे आम लोगों और छोटे कारोबारियों को राहत देने पर विचार किया जा रहा है, जिसको लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने एक्स हैंडल से एक प्रेस नोट भी शेयर किया है, जहां 21 मार्च 2025 तक लोगों से राय भी मांगी है। चलिए इस लेख के माध्यम से आपको बताते है कि कैसे प्रिपेमेंट शुल्क में आए बदलाव से आम लोगों और छोटे कारोबारियों को कैसे फायदा पहुंचेगा।

बिजनेस लोन धारकों के लिए RBI फोरक्लोजर शुल्क में कर सकता है बड़ा बदलाव

आपको बता दें कि बिजनेस लोन समय से पहले भुगतान करने पर फोरक्लोजर शुल्क देना होता है, जिससे धारकों को नुकसान सहना पड़ता है, आसान भाषा में समझे तो अगर किसी ने 15 लाख रूपये का बिजनेस लोन लिया है, और इसे समय से पहले भुगतान करना चाहता है तो भी उसे फोरक्लोजर शुल्क देने होता है यानि एक्सट्रा चार्ज, जिससे धारकों को नुकसान होता है। वहीं अब RBI इस समाप्त करने पर विचार कर रही है, यानि समय से पहले अगर कोई लोन चुकाना चाहता है तो उसे किसी प्रकार का फोरक्लोजर शुल्क नहीं देना होगा, जिसे लेकर एक सर्कुलर भी जारी किया गया है।

आरबीआई ने जारी किया सर्कुलर

गौरतलब है कि RBI ने अपने एक्स हैंडल पर इसे लेकर एक सर्कुलर जारी किया गया है, जारी सर्कुलर के अनुसार “आरबीआई ने ‘जिम्मेदार ऋण आचरण’ पर परिपत्र के मसौदे पर टिप्पणियाँ आमंत्रित की हैं। ऋणों पर फौजदारी शुल्क/पूर्व-भुगतान जुर्माना लगाना विकास संबंधी वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, मौजूदा नियामक की समीक्षा के संबंध में नियामक नीतियां दिनांक 09 अक्टूबर, 2024, ऋणों पर फौजदारी शुल्क/पूर्व-भुगतान जुर्माना लगाने पर दिशानिर्देश, रिजर्व बैंक ने आज इस संबंध में ड्राफ्ट सर्कुलर जारी किया है।

मसौदे पर हितधारकों और जनता के सदस्यों की टिप्पणियाँ/प्रतिक्रिया परिपत्र 21 मार्च, 2025 तक ई-मेल के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है। अंतिम परिपत्र होगा हितधारकों/सार्वजनिक टिप्पणियों पर विचार करने के बाद जारी किया जाएगा”।

RBI के इस फैसले से लोन धारकों को कैसे होगा फायदा?

मालूम हो कि बड़ी संख्या में बिजनेस लोन धारक अपना लोन समय से पहले भुगतान करना चाहते है, लेकिन MSE लोन पर अलग-अलग तरह के प्री-पेमेंट चार्ज लगाते हैं। इससे ग्राहकों को परेशानी होती है और कई बार विवाद भी हो जाते हैं। RBI इसी समस्या को दूर करना चाहता है। माना जा रहा है कि इससे लोन धारकों के काफी पैसे बचेंगे, साथ ही किसी प्रकार का विवाद नहीं होगा।