Retail Inflation: आरबीआई मॉनिटरिंग पॉलिसी की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नतीजे जारी किए थे। जिसमे रेपो रेट 5.25 रखा गया है। इसके अलावा जीडीपी और रिटेल महंगाई को लेकर भी गवर्नर द्वारा अहम जानकारी दी गई है। इसे लेकर अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। बता दें कि मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण महंगाई दर बढ़ने की उम्मीद है। जिसने सरकार की चिंता बढ़ा दी है और स्थिति एक बार फिर चिंताजनक हो गई है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6% लगाया है। जो कि पहले के अनुमान के मुकाबले ज्यादा है।
भारत में रिटेल महंगाई दर में बड़े उलटफेर की उम्मीद
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक “बुधवार को भारतीय रिज़र्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6 प्रतिशत लगाया है, जो सरकार द्वारा निर्धारित 4 प्रतिशत के मुद्रास्फीति लक्ष्य के दायरे में है, जिसमें +/- 2 प्रतिशत की छूट सीमा है। पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने से पहले, भारत की व्यापक आर्थिक स्थिति मजबूत थी, जिसमें विकास की गति तेज थी और मुद्रास्फीति कम थी।
STORY | RBI projects FY27 retail Inflation at 4.6%, within government-mandated target
The Reserve Bank on Wednesday projected retail inflation for the current financial year at 4.6 per cent, well within the government-mandated inflation target range of 4 per cent with a… pic.twitter.com/pNo6FyZsKk
— Press Trust of India (@PTI_News) April 8, 2026
मार्च में संघर्ष क्षेत्र के विस्तार और उसके तीव्र होने से हालात बिगड़ गए। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय ने चालू वित्त वर्ष की पहली द्वितीय तिमाही में 5.2 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.7 प्रतिशत की दर से उपभोक्ता मूल्य अनुपात के आधार पर आधार पर रहने का अनुमान लगाया है। जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि महंगाई के कारण लोगों की मुश्किलें भी बढ़ने वाली है?
जीडीपी ग्रोथ पर भी आरबीआई गवर्नर ने दी प्रतिक्रिया
वहीं जीडपी ग्रोथ को लेकर आरबीआई गवर्नर ने अपने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बाहरी मोर्चे पर, प्रमुख शिपिंग मार्गों में व्यवधान, माल ढुलाई और बीमा लागत में वृद्धि और संघर्ष के कारण वैश्विक मांग में कमी से माल निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, हाल ही में हुए व्यापार समझौतों से माल निर्यात को लाभ हो सकता है, जिनमें से कई पर पिछले वर्ष हस्ताक्षर किए गए थे, कुछ अब कार्यान्वयन में हैं और अन्य के इस वर्ष चालू होने की उम्मीद है, जबकि सेवा निर्यात के स्थिर रहने की उम्मीद है।
#WATCH | RBI Governor Sanjay Malhotra says, “… On the external front, merchandise exports could be adversely impacted by disruptions to key shipping routes, the concomitant rise in freight and insurance costs and lower global demand on account of the conflict. However,… pic.twitter.com/Eo29Ud46Id
— ANI (@ANI) April 8, 2026
इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.9% रहने का अनुमान है, जिसमें पहली तिमाही में 6.8%, दूसरी तिमाही में 6.7%, तीसरी तिमाही में 7% और चौथी तिमाही में 7.2% रहने का अनुमान है”। माना जा रहा है कि आरबीआई के इस बयान के बाद स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था पर भी इसका गंभीर असर पड़ने वाला है।
