गुड न्यूज! जयपुर से खाटूश्याम, बालाजी मंदिर तक होगा Vande Bharat Train का संचालन; पर्यटन के लिहाज से क्यों है खास? जानें सबकुछ

Vande Bharat Train: खाटूश्याम, सालासर बालाजी के बीच जल्द ही सैमी हाई स्पीड ट्रेन का संचालन शुरू हो सकता है।

Vande Bharat Train

फाइल फोटो

Vande Bharat Train: देश के लगभग सभी रूटों पर  चर्चित सैमी हाई स्पीड ट्रेन का संचालन लगातार जारी है। इसी बीच राजस्थान से राज्यसभा सांसद धनश्याम तिवाड़ी ने जयपुर से खाटूश्याम मंदिर, सालासर बालाजी, होते हुए बीकानेर तक वंदे भारत ट्रेन चलाने का अनुरोध राज्यसभा में किया है। बताते चले कि बड़ी संख्या में जयपुर और आसपास के इलाकों से श्रद्धालु खाटूश्याम बाबा के दर्शन करने के लिए जाते है।

जिसे देखते हुए राज्यसभा सांसद ने संसद में यह मुद्दा उठाया है। अगर रेल मंत्री  की तरफ से इसकी मंजूरी मिल जाती है, तो यह ट्रेन कई मायनों में एक गेमचेंजर साबित हो सकती है। जयपुर से सीकर होते हुए बीकानेर रूट कई मायनों में काफी अहम है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

जयपुर से खाटूश्याम, बालाजी मंदिर तक होगा Vande Bharat Train का संचालन

राजस्थान से राज्यसभा सांसद धनश्याम तिवाड़ी ने राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए कहा कि मैं आपके माध्यम से माननीय रेल मंत्री जी का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। कि जयपुर राजस्थान की राजधानी तो है ही, एक पर्यटक स्थल तो है ही उसके साथ-साथ धार्मिक रूप से भी  गोविंद देव जी, गोपीनाथ जी और मोती डूंगरी गणेश जी के दर्शन लिए बड़ी संख्या में लोग आते है, और पर्यटकों का केंद्र भी है।

वहां से सीकर के लिए खाटूश्याम जी, जींद माता, रैवासा धाम और सालासर जाने वाले बहुत यात्री होते है। इस प्रकार से वह रास्ता बीकानेर जाता है, जहां सालासार बालाजी, कर्णी माता मंदिर शामिल है। जयपुर से सीकर चुरू होकर बीकानेर वंदे भारत ट्रेन का इस रूट पर जाना अत्यंत आवश्यक है।

बता दें अन्य राज्य से आने वाले लोग जयपुर ही उतरते है और फिर रिंग्स का सफर करके खाटूश्याम मंदिर पहुंचते है। अगर जयपुर से वंदे भारत ट्रेन का संचालन होता है, तो श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना और आसान हो जाएगा। लाखों की संख्या में यात्री खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए पहुंच रहे है।

पर्यटन के लिहाज से क्यों खास है वंदे भारत ट्रेन?

गौरतलब है कि जयपुर पर्यटन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। अन्य राज्य से बड़ी संख्या में यात्री जयपुर ही पहुंचते है, चाहे वह ट्रेन हो या फिर प्लेन, वहीं अगर जयपुर- सीकर -चुरू- बीकानेर वंदे भारत ट्रेन का संचालन होता है, तो पर्यटन के लिहाज के काफी महत्वपूर्ण होगा।

अगर इस रूट के धार्मिक स्थलों की बात करें तो जयपुर में गोविंद देव जी मंदिर, मोती डूंगरी गणेश मंदिर; सीकर और आसपास खाटू श्याम जी मंदिर, जीण माता मंदिर, सालासर बालाजी मंदिर; बीकानेर में करनी माता मंदिर, लक्ष्मीनाथ मंदिर शामिल है। यानि इस ट्रेन के चलने से रेलवे को भी जबरदस्त फायदा होने की उम्मीद है। वहीं अब देखना होगा रेल मत्री अश्विनी वैष्णव इस रूट  को कब मंजूरी देते है।

 

 

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