‘ड्रोन ने किराना हिल्स वाली..’ पूर्व सीडीएस Anil Chauhan ने ऑपरेशन सिंदूर पर कर दिया बड़ा खुलासा, दुनिया में हड़कंप, जानें सबकुछ

Anil Chauhan: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने बड़ा खुलासा किया है। जिससे हड़कंप मच गया।

Anil Chauhan

फाइल फोटो

Anil Chauhan: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने पाकिस्तान के किराना हिल्स को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर अपनी बात रखी और बताया कि ऑपरेशन के दौरान वहां क्या हुआ था। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही यह चर्चाएं हो रही है कि क्या भारत ने किराना हिल्स पर हमला किया था।

हालांकि भारतीय सेना की तरफ से इसे लेकर अधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं दी थी। वहीं अब पूर्व सीडीएस Anil Chauhan ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जिसके बाद दुनिया में हड़कंप मच गया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

पूर्व सीडीएस Anil Chauhan का किराना हिल्स पर बड़ा खुलासा

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए पूर्व सीडीएस Anil Chauhan ने कहा कि “पूर्व CDS अनिल चौहान ने बताया कि किराना हिल्स सरगोधा एयरबेस के पास, यानी उत्तर की ओर लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित हैं। एक भारतीय ड्रोन को वहां एक मिशन पर भेजा गया था। इन मिशनों का समय सीमित होता है, जिसके दौरान ड्रोन दुश्मन के रडार का पता लगाने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। हो सकता है कि रडार खोजने का अपना मिशन पूरा करने के बाद, ड्रोन ने किराना हिल्स वाली जगह पर हमला किया हो।

इससे उन तस्वीरों की वजह समझ में आती है जिनमें किराना हिल्स से धुआं उठता दिख रहा था और जो पाकिस्तान की तरफ से सामने आई थीं। इसलिए, इस बात की संभावना है कि हमारे ड्रोन ने सचमुच उस जगह पर हमला किया हो। उन्होंने आगे कहा, “रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार किराना हिल्स में रखे गए हैं, जिससे यह घटना बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। पाकिस्तान ने कभी सोचा भी नहीं था कि भारत उसी जगह पर हमला करेगा जहां उसके परमाणु हथियार रखे हैं। अनिल चौहान का कहना है कि यह भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी है।”

डोनाल्ड ट्रंप के दांवे पर पूर्व सीडीएस का बड़ा खुलासा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस दावे पर कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया, पूर्व सीडीएस Anil Chauhan ने कहा कि डीजीएमओ ने कहा कि वे लगभग 3 बजे तक उपलब्ध नहीं होंगे। और फिर हमने 5 बजे फैसला किया। तो युद्धविराम का फैसला दो डीजीएमओ के बीच हुआ, बस इतना ही। मुझे इसमें किसी और की भूमिका नहीं दिखती।

यह खास जानकारी अमेरिकियों तक कैसे पहुंची कि उन्होंने हमारे घोषणा करने से पहले ही ट्वीट कर दिया? फिर से, मुझे पूरा यकीन है कि यह जानकारी हमसे लीक नहीं हुई। मुझे लगता है कि यह किसी तरह दूसरी तरफ से लीक हुई है।

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