US-Israel-Iran War में क्या अकेले पड़ जाएंगे नेतन्याहू? प्रेसिडेंट ट्रंप के ताजा रुख से बदला समीकरण, युद्धविराम पर कैसे बनेगी बात?

US-Israel-Iran War के बीच क्या पीएम नेतन्याहू अकेले पड़ जाएंगे? ये सवाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बदले रुझान के कारण उठ रहे हैं।

US-Israel-Iran War

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

US-Israel-Iran War: पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के बीच स्थिति प्रतिकूल होती जा रही है। अमेरिका दबे पांव जंग-ए-मैदान से खुद को दूर करने का संकेत दे रहा है। दरअसल, यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के बीच प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वाशिंगटन बिना किसी समझौते के तेहरान छोड़ने को तैयार है।

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ईरान की धरती पर जमे रहने की बात कह रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या नेतन्याहू जंग-ए-मैदान में अकेल पड़ जाएंगे? प्रेसिडेंट ट्रंप के बदले रुख से युद्धविराम पर बात कैसे बनेगी? ऐसे तमाम सवाल हैं जो हालिया स्थिति के संदर्भ में उठ रहे हैं।

क्या US-Israel-Iran War के बीच अकेले पड़ जाएंगे नेतन्याहू?

ये सवाल प्रेसिडेंट ट्रंप के बदले रुख के कारण उठ रहे हैं। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप बिना शर्त ईरान छोड़ने का संकेत दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वाशिंगटन तेहरान से किसी समझौते के बिना भी दो से तीन हफ्तों के भीतर अपने सैन्य हमले समाप्त कर सकता है। यदि ऐसा हुआ तो पीएम बेंजामिन नेतन्याहू जंग-ए-मैदान में अकेले पड़ जाएंगे।

इससे पूर्व अमेरिका और इजरायल मिल कर ईरान पर हमले कर रहे थे। हालांकि, अब ट्रंप ने ईरान की धरती छोड़ने का संकेत दे दिया है। यदि ऐसा हुआ तो नेतन्याहू को अकेले ईरान से लोहा लेना पड़ सकता है। या फिर उन्हें भी अपनी सेना वापस बुलानी पड़ सकती है। तमाम बयानों के बीच सबकी नजरें इस हालिया घटनाक्रम पर टिकीं हैं।

बदले समीकरण के बीच युद्धविराम पर कैसे बनेगी बात?

दुनिया के तमाम देश यूएस-इजरायल-ईरान वॉर का दंश झेल रहे हैं। यही वजह है कि ज्यादातर देश युद्धविराम की घोषणा चाहते हैं। हालांकि, इजरायल को ये बात नागवार गुजर रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने कई मौकों पर पाकिस्तानी शांति प्रस्ताव का समर्थन करते हुए उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर साझा किया है।

हालांकि, इजरायल झुकने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर ईरान की स्थिति भी इजरायल जैसी ही है। अली खामेनेई के साथ कई शीर्ष नेताओं की मौत से सदमा झेल रहा ईरान बदले के मूड में है। यही वजह है कि ईरान की ओर से खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया जा चुका है।

इजरायल का कहना है कि उसने ईरान में आतंकवादी शासन को कुचलने की कसम खाई है। ईरान अलग इजरायल से बदला लेने की बात दोहरा रहा है। ऐसे में भला युद्धविराम पर बात कैसे बनेगी? कौन जंग खत्म कराने की पहल करेगा? ये तमाम सवाल हैं जो बदले समीकरण के बीच उठ रहे हैं।

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