Asim Munir: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान करारी हार मिलने के बाद पाकिस्तान सरकार और सेना लगातार बदलाव करती आ रही है। हालांकि यह बात दुनिया को पता है कि वहां की सरकार सेना द्वारा चलाई जाती है। वहीं अब पाकिस्तान के संसद में एक ऐसा बिल पास हुआ है, जिसके बाद Asim Munir को एक तरह से तीनों सेना की कमान मिल जाएगी।
यानि मुल्ला मुनीर अपने हिसाब से तीने सेना को चला सकेगा। हालांकि अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या भारत को चिंता करने की जरूरत है? तो जवाब है नहीं, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
Asim Munir की बढ़ी ताकत
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख आसिम मुनीर को एक नए रक्षा कानून के तहत देश की सेनाओं पर व्यापक अधिकार मिलने वाले हैं।
यह कानून पाकिस्तान की थल सेना, नौसेना और वायु सेना को मुनीर के नेतृत्व वाली एक एकीकृत कमान के अधीन लाता है और उन्हें सैन्य अभियानों, वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मियों से जुड़े मामलों पर व्यापक शक्तियां देता है। इन शक्तियों में कर्मियों को रिटायर करने, सेवा से हटाने या बनाए रखने और रिटायरमेंट की तय सीमा में बदलाव करने का अधिकार भी शामिल है।
भारत क्यों हुआ सतर्क?
पाकिस्तान सरकार ने Asim Munir को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज़ बना दिया है। जिसके बाद भारत की चिंता का एक कारण यह है कि पाकिस्तान में सेना की भूमिका और असीम मुनीर का प्रभाव बढ़ने के साथ इस्लामाबाद की सुरक्षा नीति अधिक सैन्य-केंद्रित हो सकती है। विश्लेषणों में भी मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना के राजनीतिक और संवैधानिक प्रभाव के मजबूत होने की चर्चा हुई है।
हालांकि भारत को आंख दिखाना भारत के लिए किसी बुरे सपनों से कम नहीं होगा। क्योंकि कई बार पाकिस्तान ने भारत की ताकत देख ली है। गौरतलब है कि दुनिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत और उसकी आर्मी पूरी तरह से अलर्ट है और किसी भी संकट से निपटने के लिए तैयार है।
