Galgotias University: चर्चित भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपनी भद्द पिटवाई। विश्वविद्यालय की करतूत से भारत को भी वैश्विक मंच पर शर्मसार होना पड़ा। चीनी रोबोडॉग को अपना इन हाउस इनोवेशन बताने और फिर अपने बयान से मुकर जाने वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी को लेकर खूब खबरें भी बनी। इसी बीच एक अलग तरह का दावा सोशल मीडिया पर सामने आया है।
दरअसल, गलगोटिया यूनिवर्सिटी के मालिक सुनील गलगोटिया अपने बेटे ध्रुव गलगोटिया के साथ राजनीतिक दिग्गजों से मिलते रहते हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या गलगोटिया यूनिवर्सिटी के मालिक छात्रों को आकर्षित करने के लिए बड़े राजनीतिक दिग्गजों के नाम का इस्तेमाल करते हैं? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।
क्या Galgotias University के मालिक छात्रों को लुभाने के लिए कर रहे दिग्गजों के नाम का इस्तेमाल?
सरकार के मंच पर प्रदर्शनी कर भद्द पिटवा चुकी गलगोटिया यूनिवर्सिटी के मालिक सुनील गलगोटिया सवालों के घेरे में है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा में स्थित गलगोटिया विश्वविद्यालय का अपना साम्राज्य है। कई एकड़ में फैली यूनिवर्सिटी परिसर में हजारों की संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं। विश्वविद्यालय परिवार संस्थान के प्रचार-प्रसार पर भी खूब जोर देता है जिसका उद्देश्य छात्रों को आकर्षित करना है। हालांकि, छात्रों को आकर्षित करने के लिए गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा कुछ और तरकीब आजमाए जाने का दावा है।
गलगोटिया विश्विद्यालय के मालिक सुनील गलगोटिया और उसके बेटे ध्रुव गलगोटिया का फर्जीवाड़ा एक नहीं है इसने ANI के साथ मिलकर अपने चाइनीज AI कुत्ते की विशेषता देश के सभी बड़ी प्लेटफार्म्स पर छपवा दी।
इसने सीएम योगी आदित्यनाथ को जो खुद सीएम होने के साथ साथ साइंस ग्रेजुएट हैं बता दिया… pic.twitter.com/2AW6aznqBy
— Awesh Tiwari (@awesh29) February 17, 2026
आवेश तिवारी नामक एक्स हैंडल यूजर ने एक पोस्ट जारी किया है। इस पोस्ट में सुनील गलगोटिया और ध्रुव गलगोटिया सीएम योगी से मुलाकात करते नजर आ रहे हैं। एआई समिट में इतनी भद्द पिटने के बाद भी कई वेबसाइट्स पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी की तारीफ में खबरें लिखी गई हैं। यही वजह है कि विश्वविद्यालय पर बड़े राजनीतिक नामों का इस्तेमाल कर छात्रों को आकर्षित करने से जुड़े सवाल उठ रहे हैं।
AI इम्पैक्ट समिट के बाद सवालों में शिक्षण संस्थान!
गलगोटिया यूनिवर्सिटी एआई इम्पैक्ट समिट के बाद सवालों के घेरे में है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए मंच पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीनी रोबोडॉग को प्रदर्शित किया। इसके बाद शिक्षण संस्थान से जुड़े छात्रों ने थर्माकोल से बने, रबड़ से बंधे ड्रोन पेश किए। इसको लेकर यूनिवर्सिटी की खूब फजीहत हुई। दुनिया भर में गलगोटिया यूनिवर्सिटी का नाम सुर्खियां बटोरने लगा। उसी क्रम में विश्वविद्यालय के मालिक भी सवालों के घेरे में हैं और उन पर कई आरोप लग रहे हैं।
