Bengal Politics: पश्चिम बंगाल का पॉलिटिक्स हर दिन एक नया रंग रूप बदल रहा है जहां लंबे समय तक ममता बनर्जी की सरकार ने अपना दबदबा दिखाया था। वहीं अब राज्य की जिम्मेदारी बीजेपी के हाथों में आ गई है। वहीं इस सबसे बड़ा तगड़ा झटका तब लगा जब ममता दीदी के विश्वसनीय नेताओं ने पार्टी का दामन छोड़कर बीजेपी का हाथ थाम लिया लेकिन उन्हें बगावत का जिस तरह का तोहफा मिला वह चर्चा में है। राज्यसभा का टिकट मिलने के बाद भाजपा में शामिल हुए टीएमसी के बागी नेताओं ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा और कहा कि भ्रष्टाचार का सीमा कुछ इस कदर था कि पश्चिम बंगाल वृद्धाश्रम बन गया था।
Bengal Politics में कैसे हुआ खेला
दरअसल टीएमसी के बागी राज्यसभा सांसदों सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक ने बीजेपी में शामिल के साथ ही राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। संसदीय नियमों के मुताबिक सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बड़ाइक का कार्यकाल सितंबर 2029 तक था जबकि सुष्मिता देव का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक चलना था। ऐसे में बीजेपी का दामन थाने वाले इन नेताओं को राज्यसभा का टिकट दे दिया गया और खाली सीटों पर 24 जुलाई को उपचुनाव मैं बीजेपी की तरफ से ये मैदान में उतरेंगे।
क्यों सुखेंदु शेखर राय ने बंगाल को कहा वृद्धाश्रम
इस दौरान सुखेंदु शेखर राय ने कहा है कि 2024 के R G Kar Medical College रेप और मर्डर केस के बाद जो विरोध प्रदर्शन हुए, उनसे साफ हो गया था कि TMC विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापस नहीं आएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार के तहत बंगाल पीछे की तरफ जा रहा था क्योंकि वे हमेशा केंद्र सरकार का विरोध करते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के लगातार विरोध के चक्कर में बंगाल का टैलेंट राज्य छोड़कर बाहर चला गया है और बंगाल एक वृद्धाश्रम बनकर रह गया है।
ममता बनर्जी सरकार में भ्रष्टाचार और पीएम मोदी का गुणगान करते दिखे बागी नेता
सुष्मिता देव ने अपनी तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वह बहुत दुखी हैं। उन्होंने बचपन से दीदी को हमेशा एक सूती साड़ी में देखा है, लेकिन उन्होंने बंगाल में जितना भ्रष्टाचार देखा है, वह अकल्पनीय है। उन्होंने कहा कि वह देश की सेवा करने के लिए राजनीति में आई थीं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस में निचले स्तर पर भ्रष्टाचार बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। बागी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि जैसा विज़न मोदी जी के पास है, वैसा देश के किसी और नेता के पास नहीं है।
बंगाल पॉलिटिक्स के लिए यह अहम मोड़ साबित हो सकता है और ऐसे में आगे यह देखना दिलचस्प होने वाला है कि आखिर में क्या होता है।
