अध्यक्ष पद से हटते ही Mamata Banerjee के नए प्लान से पश्चिम बंगाल में सियासी उबाल, क्या बागी विधायकों की बढ़ेगी मुश्किलें? जानें सबकुछ

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में विधानसभा नतीजे आने के बाद से ही दीदी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।

Mamata Banerjee

फाइल फोटो

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में विधानसभा नतीजे आने के बाद से ही मानो Mamata Banerjee के बुरे दिन शुरू हो गए है। बता दें कि पहले 60 से अधिक बागी सांसदों ने दीदी का साथ छोड़ा, फिर 20 से अधिक सांसदों ने भी उनसे किनारा कर लिया और अब उन्हें टीएमसी पार्टी के अध्यक्ष पद से हटा दिया है।

जिसके बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे है कि क्या टीएमसी पार्टी जल्द पूरी तरह से टूटने वाली है? और अगर ऐसा होता है तो दीदी के पास क्या विकल्प होगा। हालांकि ममता बनर्जी के नए प्लान से पश्चिम  बंगाल की सियासत गरमा गई है। चलिए आपको बताते है कि क्या है दीदी का नया प्लान?

अध्यक्ष पद से हटाई गई Mamata Banerjee

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि “आज यहाँ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र के दौरान, प्रतिनिधियों के सर्वसम्मत चुनाव के ज़रिए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस कमेटी और NWC (नेशनल वर्किंग कमेटी) का गठन किया गया। अरूप रॉय को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का चेयरपर्सन चुना गया है। अरूप रॉय के अलावा 29 और लोगों को शामिल किया गया है, जिससे यह 30 सदस्यों वाली NWC बन गई है।

सदस्यों में फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष, सबीना यास्मीन, रिताब्रता बनर्जी, जावेद खान, संदीपन साहा और अन्य शामिल हैं। उपाध्यक्ष फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष और सबीना यास्मीन हैं। हम ज़िला अध्यक्ष भी नियुक्त करेंगे और ज़िला कमेटी का गठन करेंगे। हमने TMC में ममता बनर्जी की भूमिका के बारे में अपना रुख बार-बार स्पष्ट किया है। हम चाहते हैं कि ‘दीदी’ एक मेंटर (मार्गदर्शक) की ज़िम्मेदारी संभालें और हमारा मार्गदर्शन करें।”

दीदी का क्या है नया गेम प्लान?

अध्यक्ष पद से हटने के बाद Mamata Banerjee के नया प्लान सामने आ गया है। जानकारी के मुताबिक ममता बनर्जी ने ECI को एक आधिकारिक सूचना भेजकर AITC की पुनर्गठित राष्ट्रीय कार्यसमिति के बारे में जानकारी दी है। जिसका कई लोगों के नाम है। वहीं चेरमैन पद के लिए खुद दीदी ने अपना प्रस्तावित किया है।

हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या पार्टी जल्द ही टूटने वाली है और अगर ऐसा होता है तो दीदी क्या दुबारा से नई पार्टी बनाएंगी या फिर चुनाव आयोग को अपना दावा पेश करेंगी। हालांकि अधिकारिक तौर पर बागी विधायकों ने पार्टी पर अभी तक अपना हक नहीं जताया है।

 

 

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