टीएमसी की डूबती नैया को मिलेगी कांग्रेस का सहारा! Mamata Banerjee ने सोनिया गांधी से की मुलाकात तो पश्चिम बंगाल में मच गई हलचल, जानें सबकुछ

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही दीदी की मुश्किलें लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही है।

Mamata Banerjee

फाइल फोटो

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे आए हुए करीब 1 महीना हो चुका है। इन एक महीने में पश्चिम बंगाल की सियासत पूरी तरह से बदल गई है। पहले टीएमसी की करारी हार, फिर 80 से में 60 विधायक बागी हो गए। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि 20 से अधिक सांसद एनडीए को समर्थन दे सकते है। चुनाव से पहले यह कहना नामुमकिन था कि टीएमसी पार्टी बर्बादी की कगार पर आ जाएगी।

इसी बीच Mamata Banerjee दिल्ली दौरे पर है, जहां उन्होंने 24 घंटे के भीतर दो बार कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष से मुलाकात है। आज से कुछ महीने पहले दीदी कांग्रेस को बंगाल में एंट्री नहीं देती थी, लेकिन समय का चक्र बदला और वहीं ममता बनर्जी कांग्रेस से मदद मांगने पहुंची हुई है। हालांकि बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी आप में भी लड़ रही है। आईए समझते है इसके मायने।

टीएमसी की डूबती नैया को कांग्रेस लगाएगी पार!

गौरतलब है कि Mamata Banerjee की पार्टी पूरी तरह से टूटने के कगार पर है। पहले विधायकों ने पार्टी का साथ छोड़ा, वहीं इसके बाद सांसद बागी हो चुके है और माना जा रहा है कि 20 से अधिक सांसद एनडीए को अपना समर्थन दे सकते है। इसके अलावा अब खबर सामने आ रही है कि राज्यसभा सांसद भी पार्टी और पद से इस्तीफा दे रहे है। अगर पार्टी टूटती है तो दीदी के पाले में 20 विधायक, 5 से 7 सांसद (अनुमानित) रह सकते है।

माना जा रहा है कि अगर ऐसा होता है तो ये दीदी के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि मात्र 1 महीने के अंदर पार्टी टूटने की कगार पर है। यही कारण है कि दीदी ने 24 घंटे के भीतर दो बार सोनिया गांधी से मुलाकात की है। सूत्रों के मुताबिक दीदी ने कांग्रेस से मदद मांगी है, ताकि वह अपनी पार्टी बचा सके।

क्या आने वाले दिनों में Mamata Banerjee की बढ़ेगी मुश्किलें

गौरतलब है कि अगर पार्टी टूटती है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान Mamata Banerjee को होने जा रहा है कि क्यों राज्य की राजनीति के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में भी उनका कद कम हो जाएगा और आने वाले दिनों में हो सकता है कि उन्हें इंडिया गठबंधन की बैठक में भी ना बुलाया जाए।

यही कारण है कि एक बार फिर वह कांग्रेस से अपनी नजदिकियां बढ़ा रही है। सबसे खास बात है कि दीदी ने पश्चिम बंगाल में कभी भी कांग्रेस को नहीं घुसने दिया, चाहे वह कांग्रेस की भारत जोड़ों यात्रा हो या फिर चुनाव जनसभा, हालांकि पश्चिम बंगाल के चुनाव में राहुल गांधी ने दीदी पर जमकर हमला बोला था। हालंकि नतीजे के बाद वह उनके समर्थन में उतर गए थे।

 

 

Exit mobile version