BRICS Summit 2026: पूरी दुनिया की नजर भारत पर टिकी हुई है। मालूम हो कि नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के बीच दुनिया की नजर भारत की कूटनीतिक रणनीति पर टिकी हुई है। गौरतलब है कि पीएम मोदी की नेतृत्व में भारत एक ऐसे एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें आर्थिक सहयोग, मजबूत सप्लाई चेन, डिजिटल भुगतान, ऊर्जा सुरक्षा और ग्लोबल साउथ की आवाज को प्रमुखता दी जा रही है।
लेकिन इस बैठक से डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ा है। हालांकि एक सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या भारत अमेरिका से दुश्मनी ले सकता है, तो हम आपको बता दें कि भारत ऐसा बिल्कुल भी नहीं करेगा।
BRICS Summit 2026 के बीच क्या है ट्रंप फैक्टर
बता दें कि BRICS Summit 2026 को लेकर दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हुई है। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या रूस, चीन के आने के बाद भारत अमेरिका से दुश्मनी लेगा, तो हम आपको बता दें कि ऐसा नहीं होगा। क्योंकि भारत भलीभाती जानता है कि अमेरिका से दुश्मनी भारत के लिए किसी भी सूरत में सही नहीं होगा।
भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि BRICS का मकसद डॉलर को हटाने के लिए कोई साझा करेंसी बनाना नहीं है। इसके बजाय राष्ट्रीय मुद्राओं में आपसी व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर है। जिसका साफ संदेश है कि भारत डॉलर के खिलाफ नहीं है।
भारत की धरती पर सुपरपावर देशों का जमावड़ा – BRICS Summit 2026
बता दें कि भारत की धरती पर सुपरपावर देशों का जमावड़ा नजर आ रहा है। जिसमे रूस, चीन, ईरान जैसे ताकतवर देश शामिल है। सबसे खास बात है कि BRICS Summit 2026 बाकी ब्रिक्स से काफी अलग है क्योंकि अमेरिका ने कुछ सालों में जो टैरिफ का आतंक मचाया है, उससे दुनिया के कई देशों में गुस्सा है।
यही कारण है कि डॉलर की जगह कई देश दूसरी करेंसी लाने पर विचार कर रहे है। इसके अलावा लगातार वैश्विक परिदृश्य बदलने से कई देशों की चिंता बढ़ गई है। यही कारण है कि भारत में हो रहे ब्रिक्स काफी खास माना जा रहा है। हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बैठक से क्या नतीजा निकलता है।







