CBSE 12th Result 2026: 17 लाख छात्रों के भविष्य संग खिलवाड़! OSM के रोलआउट से पहले ट्रेनिंग की रही कमी, शिक्षकों ने किया विरोध

CBSE 12th Result 2026: नई प्रणाली के तहत इस बार रिजल्ट जारी किया गया लेकिन इसे लेकर विरोध करने का नाम नहीं ले रहा है। जहां शिक्षकों का आरोप है कि बिना तैयारी इस प्रणाली को लागू किया गया जिसकी वजह से दिक्कतें आई है।

CBSE 12th Result 2026

Photo Credit- Google CBSE 12th Result 2026

CBSE 12th Result 2026: सीबीएसई का रिजल्ट जारी कर दिया गया है और इसे हफ्ते बीत चुके हैं लेकिन इस पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। जहां OSM रोल आउट को लेकर लगातार कंट्रोवर्सी जारी है जहां एक तरफ छात्र सीबीएसई की 12वीं रिजल्ट को लेकर लगातार विरोध का सामना कर रहे हैं। शिक्षक सीबीएसई पर आरोप लगा रहे हैं कि इस नई प्रणाली को लेकर उन्हें सही से ट्रेंड नहीं किया गया था। 17 लाख के करीब विद्यार्थियों ने इस साल सीबीएसई 12वीं का एग्जाम दिया है और रिजल्ट में हुई छेड़छाड़ की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना कर रहा है। आइए जानते हैं इस सब के बीच शिक्षकों ने क्या कहा है।

OSM रोल आउट को लेकर शिक्षक ने उठाया था सवाल

हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत के दौरान शिक्षकों का कहना है कि सीबीएसई द्वारा OSM रोल आउट को लेकर उन्होंने सिस्टम में सुधार की जरूरत की बात की थी लेकिन उनकी बात को इग्नोर किया गया था. दिल्ली के स्कूल के टीचर ने कहा कि हमने अधिकारियों से कहा था कि कम से कम एक या दो साल की सही ट्रेनिंग की जरूरत है कई टीचर सॉफ्टवेयर से अनजान थे और लाइव आंसर स्क्रिप्ट का इवैल्यूएशन करते समय उन्होंने अच्छे से सीखा।

जल्दबाजी में लिया गया था CBSE 12th Result 2026 ko लेकर फैसला

सीबीएसई बोर्ड ने जनवरी में दिल्ली के पांच स्कूलों में सिर्फ़ 100 टीचरों के साथ दो दिन की एक्सरसाइज़ की । जिन टीचरों ने हिस्सा लिया उन्होंने CBSE को बेहतर फीचर्स, ज़्यादा ट्रेनिंग और सिस्टम के हिसाब से ढलने के लिए समय की ज़रूरत का हवाला देते हुए इसे रोलआउट के साथ आगे न बढ़ाने की सलाह दी थी। हालांकि जल्दबाजी में इस सिस्टम को लाया गया जिसकी वजह से यह परेशानी हुई है।

जानें क्यों कॉपी चेकिंग में हुई परेशानी

वहीं सीबीएसई ने ने 13 फरवरी को OSM पर पूरे देश में एक वेबिनार किया जिसमें सभी स्कूलों और उनके टीचरों ने हिस्सा लिया और 15 फरवरी को अपना ट्रेनिंग पोर्टल खोला ताकि इवैल्यूएटर पिछले सालों की आंसर बुक पर प्रैक्टिस कर सकें। 17 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, अधिकारियों ने कहा कि लगभग 300,000 टीचरों ने ट्रेनिंग के लिए पोर्टल पर लॉग इन किया जबकि 77,000 ने आखिरकार इवैल्यूएशन में हिस्सा लिया। वहीं इसे लेकर विरोध के बीच गणित के शिक्षक ने ने कहा, “कुछ इवैल्यूएटर लाइव आंसर बुक चेक करते समय भी सॉफ्टवेयर को समझ रहे थे। फिजिकल कॉपी में अजीब हैंडराइटिंग या कोनों में लिखे आंसर आसानी से दिखते हैं। डिजिटली वे छूट सकते हैं।”

पहले से ज्यादा शिकायत में हुई इतनी फीसदी बढोतरी

इस साल इवैल्यूएट की गईं 9,866,622 आंसर बुक में से खराब इमेज क्वालिटी की वजह से 68,018 को दोबारा स्कैन करना पड़ा और 13,583 को बार-बार स्कैन करने के बाद भी पढ़ने लायक कॉपी नहीं मिलने पर मैन्युअली चेक किया गया।
26 मई तक CBSE को 1,131,961 कक्षा 12 की आंसर-बुक की स्कैन्ड कॉपी के लिए 404,319 एप्लीकेशन मिले थे। पिछले साल के मुकाबले एप्लीकेशन में 208% से ज़्यादा और आंसर-बुक रिक्वेस्ट में 301% की बढ़ोतरी हुई।

कॉपी के साथ हुई छेड़छाड़ को लेकर छात्रों का रोष दिख रहा है। नई प्रणाली की वजह से उनकी मेहनत और रिजल्ट पर प्रभाव पड़ा है। यह उनके करियर के लिए भी नुकसानदायक है सीबीएसई की प्रणाली को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।

 

 

 

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