Mamata Banerjee: देश की सियासत के लिए 5 मार्च की तारीख बेहद अहम रही। जहां एक ओर नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन कर लोगों को चौंकाया। वहीं दूसरी ओर बड़े पैमाने पर राज्यपाल बदले गए। केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले नए राज्यपाल नियुक्त हुए।
इसको लेकर ममता बनर्जी ने हैरानी व्यक्त की है। सीएम ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नए गवर्नर की नियुक्ति पर सलाह नहीं लेने पर सवाल उठाए हैं। ममता बनर्जी ने इस बड़े फेरबदल को संवैधानिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ बताते हुए मुखरता से हमला बोला है।
विधानसभा चुनाव से पहले फेरबदल देख Mamata Banerjee शॉक!
बंगाल में राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे और राजभवन के नए मेहमान आरएन रवि की नियुक्ति को लेकर ममता बनर्जी ने सवाल दागे हैं।
I am shocked and deeply concerned by the sudden news of the resignation of Shri C. V. Ananda Bose, the Governor of West Bengal.
The reasons behind his resignation are not known to me at this moment. However, given the prevailing circumstances, I would not be surprised if the…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 5, 2026
सीएम ममता के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट जारी कर लिखा गया है कि “सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के कारणों की जानकारी मुझे फिलहाल नहीं है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, अगर आगामी राज्य विधानसभा चुनावों की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राज्यपाल पर कुछ राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए दबाव डाला गया हो तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।”
केंद्रीय गृह मंत्री का जिक्र कर ममता बनर्जी लिखती हैं कि “अमित शाह ने अभी मुझे सूचित किया है कि आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में स्थापित परंपरा के अनुसार मुझसे परामर्श नहीं किया।”
केन्द्र के इस रुख पर ममता बनर्जी कहती हैं कि “ऐसे कार्यों से भारत के संविधान की भावना कमजोर होती है और हमारी संघीय संरचना की नींव पर गहरा प्रहार होता है। केंद्र को सहकारी संघवाद के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफा निर्णय लेने से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।” ममता बनर्जी की ये प्रतिक्रिया खूब सुर्खियों में है।
केरल से तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार तक बदले राज्यपाल!
बिहार में मची सियासी उठा-पटक के साथ ही केन्द्र की ओर से राज्यपालों की नई सूची जारी की गई। नई सूची के मुताबिक केरल, बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और नागालैंड के राज्यपाल बदले हैं। वहीं दिल्ली और लद्दाख के उपराज्यपाल भी बदले गए हैं। शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना, जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र, सैयद अता हसनैन को बिहार, आरएन रवि बंगाल राजभवन पहुंचे हैं।
नंद किशोर यादव को नागालैंड और राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं कविंदर गुप्ता हिमाचल प्रदेश राजभवन पहुंचे हैं। विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख और तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस बड़े फेरबदल की चर्चा पूरे देश में है।





