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CM Yogi Adityanath: ‘श्री रामलला के नूतन विग्रह के..’ प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ पर अयोध्या में हुआ भव्य आयोजन; जाने सबकुछ

CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath - फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: आज एक बार अयोध्या पूरी तरह से सजा हुआ है। बता दें कि प्राण-प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होने पर यहां भव्य आयोजन किया गया है। जिसमे सूबे के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। बता दें कि इस दौरान गर्भ-गृह में पूजा अर्चना की गई। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर अन्नपूर्णा मंदिर में झंडा फहराया। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरानी सरकार पर भी जमकर तंज कसा और वहां पर मौजूद लोगों को संबोधित भी किया।

प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ पर CM Yogi Adityanath ने किया ट्वीट

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “भारत की चेतना के उत्कर्ष की साक्षी बन रही श्री अयोध्या नगरी में आज प्रभु श्री रामलला के नूतन विग्रह के प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ का पावन दिन है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्री रामलला का विराजमान होना प्रतीक है कि सदियों के संघर्ष को समाप्ति मिली और वेदना को विराम मिला। हमारी तीन पीढ़ियों की साधना और संघर्ष, पूज्य साधु-संत गण के आशीर्वाद और 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास की परिणति है कि आज हम इस पावन पल के साक्षी बन रहे हैं। आज प्रत्येक रामभक्त के हृदय में संतोष है। सियावर रामचन्द्र भगवान की जय”!

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार पर कसा तंज

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों को कहा कि “अयोध्या में हुए रक्तपात के लिए पिछली सरकार जिम्मेदार थी। उनके शासनकाल में आतंकवादी हमलों ने अयोध्या को खून से लथपथ करने की कोशिश की श्री हनुमानगढ़ी मंदिर में भगवान हनुमान स्वयं विद्यमान हैं, ऐसे में कोई आतंकवादी घुसपैठ कैसे कर सकता है?

अब, भारत सरकार की इस योजना का नाम भी ‘ग्राम जी’ रखा गया है और यह सबसे बड़ी रोजगार योजना बनने जा रही है। कोई भी बेरोजगार व्यक्ति जो अपने ग्राम पंचायत को रोजगार की आवश्यकता बताएगा, उसे हर साल अपने गांव में 125 दिन का काम दिया जाएगा”। साथ ही उन्होंने कहा कि “जिस अयोध्या में कभी सिंगल लेन सड़कें थीं, आज चारों ओर फोर लेन सड़कें हैं। कोई भी श्रद्धालु किसी भी मौसम में आए, वह आराम से दर्शन कर अभिभूत होकर लौटता है”।

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