CM Yogi Adityanath: एक बार फिर अयोध्या नगरी 10वें भव्य दीपोत्सव आयोजन के लिए पूरी तरह से तैयार है और इसे लेकर मुख्यमंत्री ने अपना उत्साह जाहिर किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लंबे चौड़े पोस्ट के साथ बताया कि कैसे लाखों दीपों की जगमगाहट देखने के लिए वह उत्साहित है। इतना ही नहीं उन्होंने इसे विजय का प्रतीक बताया है। सीएम योगी ने एक पोस्ट के साथ इस भव्य दीपोत्सव के त्यौहार को लेकर अपनी बात करते हुए नजर आए और क्यों यह आयोजन खास होने वाला है इसका भी जिक्र करते दिखे।
क्यों खास है भव्य-दिव्य दीपोत्सव
सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य-दिव्य दीपोत्सव के स्वागत में पुलकित है।
लाखों दीपों की अलौकिक आभा से जगमगाते सरयू तट, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती मनोहारी झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस महोत्सव में त्रेतायुग की स्मृतियों को फिर से जीवंत करेंगी। हर दीप प्रभु श्री राम के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक होगा और हर लौ हमारी सनातन संस्कृति के गौरव का उद्घोष करेगी।
किंतु वर्ष 2017 से पहले प्रभु श्री राम की प्राणप्रिय नगरी अयोध्या जी उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का दंश झेल रही थीं। निर्दोष रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाली और पवित्र श्री हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाली सरकार को ‘राम की अयोध्या’ के विकास से क्या मतलब?
प्रभु श्री राम की कृपा से वर्ष 2017 के बाद श्री अयोध्या जी में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया सूर्योदय हुआ।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से रामनगरी अपने प्राचीन वैभव को पुनः प्राप्त कर रही है। भव्य-दिव्य श्री राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सुसज्जित रामपथ, नव्य घाट, आधुनिक सुविधाएं और सोलर सिटी के रूप में विकसित होती अयोध्या आज आस्था और आधुनिकता की अद्भुत संगम स्थली बन चुकी है।
श्री राम नगरी के इस पुनर्वैभव की सबसे मनोहारी अभिव्यक्ति दीपोत्सव में दिखाई देती है।
वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों से प्रारंभ हुई दीपोत्सव की यात्रा आज देश-दुनिया के करोड़ों रामभक्तों की श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक बन चुकी है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामभक्त दीप प्रज्वलन का विश्व कीर्तिमान बनाने को तैयार हैं।
यह दीपोत्सव उन पीढ़ियों के स्वप्नों का उजास है, जिन्होंने सदियों तक अपने राम की अयोध्या को त्रेतायुगीन स्वरूप में देखने की अभिलाषा संजोए रखी।
आज इसका हर दीप तुष्टीकरण के अंधकार पर आस्था की विजय, सांस्कृतिक स्वाभिमान के उदय और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प बनकर प्रज्वलित हो रहा है।
जय जय श्री राम।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 27, 2026
X प्लेटफार्म पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य-दिव्य दीपोत्सव के स्वागत में पुलकित है। लाखों दीपों की अलौकिक आभा से जगमगाते सरयू तट, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती मनोहारी झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस महोत्सव में त्रेतायुग की स्मृतियों को फिर से जीवंत करेंगी। हर दीप प्रभु श्री राम के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक होगा और हर लौ हमारी सनातन संस्कृति के गौरव का उद्घोष करेगी।
2017 के बाद की मुख्यमंत्री ने की तुलना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे लिखा कि वर्ष 2017 से पहले प्रभु श्री राम की प्राणप्रिय नगरी अयोध्या जी उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का दंश झेल रही थीं। निर्दोष रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाली और पवित्र श्री हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाली सरकार को ‘राम की अयोध्या’ के विकास से क्या मतलब? रामनगरी अपने प्राचीन वैभव को पुनः प्राप्त कर रही है। भव्य-दिव्य श्री राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सुसज्जित रामपथ, नव्य घाट, आधुनिक सुविधाएं और सोलर सिटी के रूप में विकसित होती अयोध्या आज आस्था और आधुनिकता की अद्भुत संगम स्थली बन चुकी है।
CM Yogi Adityanath ने बताया हर दीप के क्या है मायने
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “2017 में 1.71 लाख दीपों से प्रारंभ हुई दीपोत्सव की यात्रा आज देश-दुनिया के करोड़ों रामभक्तों की श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक बन चुकी है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामभक्त दीप प्रज्वलन का विश्व कीर्तिमान बनाने को तैयार हैं। यह दीपोत्सव उन पीढ़ियों के स्वप्नों का उजास है, जिन्होंने सदियों तक अपने राम की अयोध्या को त्रेतायुगीन स्वरूप में देखने की अभिलाषा संजोए रखी। हर दीप तुष्टीकरण के अंधकार पर आस्था की विजय, सांस्कृतिक स्वाभिमान के उदय और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प बनकर प्रज्वलित हो रहा है।”
