Delhi Mumbai Expressway: देश के सबसे चर्चित एक्सप्रेसवे में से एक Delhi Mumbai Expressway केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है।
केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विकसित इस परियोजना के जरिए कई राज्यों को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि प्राधिकरण की तरफ से 49 किमी एरिया में दोनों तरफ तथा अरावली क्षेत्र को हरा भरा बनाने के लिए नूंह वन विभाग इस बार मानसून सीजन में सवा तीन लाख विभिन्न किस्म के पौधे लगाएगा।
हरियाली बढ़ाने पर विशेष जोर
एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने और हरित गलियारों के विकास पर काम किया गया है। सड़क के किनारों पर लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखा जा सके। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से आसपास के क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि Delhi Mumbai Expressway केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक विकास का नया इंजन साबित हो सकता है।
इन राज्यों का होगा कायाकल्प
बताते चले कि Delhi Mumbai Expressway का लाभ कई राज्यों को मिलने वाला है। इनमें प्रमुख रूप से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक गतिविधियों, लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस और नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई ऐसे जिले, जो अब तक औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से दूर थे, एक्सप्रेसवे के जरिए नए निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय उद्योगों, कृषि उत्पादों और व्यापार को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।






