Anurag Dhanda: राजधानी में शराब नीति केस को लेकर खूब घमासान मचा है। आलम ये है कि आम आदमी पार्टी फ्रंटफुट पर आकर जस्टिस स्वर्णकांता को मामले की सुनवाई से हटाने की गुहार लगा रही है। जस्टिस स्वर्णकांता के खिलाफ कई तर्कों को साझा करते हुए अनुराग ढ़ांडा भी लगातार उन्हें इस मामले की सुनवाई से हटाने की वकालत कर रहे हैं। अनुराग ढ़ांडा ने आज फिर कुछ अहम तर्क पेश करते हुए गंभीर सवाल दागे हैं। आप नेता ने सवालिया अंदाज में पूछा है कि आखिर जस्टिस स्वर्णकांता जबरदस्ती इस केस पर क्यों बने रहना चाहती हैं?
जस्टिस स्वर्णकांता मामले को लेकर फिर मुखर हुए Anurag Dhanda
मुखरता के साथ दिल्ली शराब नीति मामले की सुनवाई से जस्टिस स्वर्णकांता को हटाने की बात कर रहे आप नेता ने आज फिर हुंकार भरी है।
जस्टिस स्वर्णकांता पिछले कुछ दिनों में ही कई पॉलिटिकल केसों से recuse कर चुकी हैं। फिर आख़िर इस केस में उनकी इतनी क्या दिलचस्पी है।
जब इतने लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है उनसे तो क्यों ज़बरदस्ती इस केस पर बने रहना चाहती हैं? https://t.co/E2pkWanjft
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) April 29, 2026
अनुराग ढ़ांडा ने कई गंभीर सवाल दागते हुए जस्टिस स्वर्णकांता को शराब नीति केस की सुनवाई से हटाने की वकालत की है। आप नेता लिखते हैं कि “जस्टिस स्वर्णकांता पिछले कुछ दिनों में ही कई पॉलिटिकल केसों से रेस्क्यू कर चुकी हैं। फिर आखिर इस केस में उनकी इतनी क्या दिलचस्पी है। जब इतने लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है उनसे तो क्यों जबरदस्ती इस केस पर बने रहना चाहती हैं?” अनुराग ढ़ांडा ने ये सवाल आप के पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक के पत्रों को साझा करते हुए उठाए हैं।
आप संयोजक के पत्र साझा कर निशाना साध चुके हैं आप नेता
आप नेता अनुराग ढ़ांडा इससे पूर्व भी आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के पत्रों को साझा कर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के पत्रों को भी साझा किया था जिसमें सत्याग्रह को चुनने की बात थी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कुमारी आतिशी, सौरभ भारद्वाज के साथ अनुराग ढ़ांडा समेत तमाम नेता जस्टिस स्वर्णकांता को शराब नीति केस से हटाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इसको लेकर दाखिल याचिका को खारिज करते हुए केस की सुनवाई की बात कही है। इसको लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।






