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Delhi MCD Mayor Election: एक बार फिर शुरू होगा मेयर पर घमासान, जानें क्या है चुनावी प्रक्रिया?

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Delhi MCD Mayor Election: 31 मार्च को दिल्ली एमसीडी की मेयर शैली ओबेरॉय तथा डिप्टी मेयर इकबाल का कार्यकाल समाप्त हो गया। ऐसे में एक बार फिर से दिल्ली के नए मेयर और डिप्टी मेयर चुने जाने की चुनावी हलचल शुरू होने वाली है। अब एक बार फिर से दिल्ली के एमसीडी चुनाव तय करने की जिम्मेदारी एलजी विनय कुमार सक्सेना पर आ गई है कि इन चुनावों को कैसे और कब शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है। दिल्ली के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव सामान्यतः अप्रैल माह में ही कराए जाते हैं। इसको देखते हुए कल से अगले 1-2 हफ्ते में इन चुनावों को कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

जानें क्या है एमसीडी मेयर चुनावों की प्रक्रिया

बता दें दिल्ली एमसीडी एक्ट के मुताबिक एमसीडी का साल 1अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च तक रहता है। इसके बाद हर साल 1 अप्रैल से शुरू होने वाले एमसीडी सत्र के लिए मेयर, डिप्टी मेयर तथा 6 सदस्यीय स्थाई समिति के चुनाव कराए जाते हैं। इसी कारण वर्तमान मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल सिर्फ 38 दिनों में खत्म हो गया। इससे पहले इनके चुनाव को लेकर दिसंबर 2022 से तीन बार हंगामें के कारण चुनाव स्थगित हुआ था। एमसीडी एक्ट के मुताबिक मेयर के पद के लिए पहले साल महिलाओं के लिए,दूसरी साल सामान्य वर्ग के लिए, तीसरे साल अनुसूचित जाति के लिए,चौथे और पांचवे साल फिर से सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होता है।

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स्थाई समिति का चुनाव नहीं होगा

बता दें इस बार एमसीडी स्थाई समिति का चुनाव नहीं होगा,क्योंकि नियम के मुताबिक पिछली बार चुने गए 6 स्थाई सदस्यों की चुने जाने की प्रक्रिया तो पूरी हो गई थी। लेकिन चुनाव परिणाम रोक दिए गए थे। जिसका मामला दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। नियम के मुताबिक एमसीडी स्थाई समिति के सदस्यों का कार्यकाल जब से शुरू होगा, जब उन्हें कोर्ट के द्वारा निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। इसलिए इस चुनाव प्रक्रिया में केवल मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव संपन्न होगा। जिसके तहत सबसे पहले पार्षदों को नामांकन करने की तारीखों का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद एलजी सक्सेना एक बार फिर से सदन का पीठासीन अधिकारी तय करेंगे। फिर निगम एक प्रस्ताव पारित करेगा। जिस पर अंतिम फैसला एलजी लेंगे।

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