Delhi Pollution: लगभग एक हफ्ते बाद राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस सेलिब्रेट किया जाएगा। मगर अभी भी हवा की गुणवत्ता बहुत खराब कैटेगरी में बनी हुई है। सीपीसीबी यानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली का एक्यूआई यानी एयर क्वॉलिटी इंडेक्स लगातार 350 के ऊपर बना हुआ है। ऐसे में सीएक्यूएम यानी एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने एक बार फिर से दिल्ली में ग्रैप-3 यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के तहत पाबंदियों को लागू कर दिया है। सीपीसीबी ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब 5 बजे राजधानी का एक्यूआई 364 रिकॉर्ड किया गया।
Delhi Pollution का कहर जारी, ग्रैप-3 की पाबंदियां हुईं लागू
राजधानी में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता के कारण ग्रैप-3 को लगाया गया है। ऐसे में ग्रैप-3 के तहत, पाबंदियों में गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक शामिल है, जैसे कि मिट्टी का काम, पाइलिंग, खुली खुदाई, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टरिंग और टाइल या फर्श का काम। रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्टे और माइनिंग की गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है।
इसके अलावा, गाड़ियों पर लगी पाबंदियों में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों, गैर-जरूरी डीजल से चलने वाले मीडियम मालवाहक वाहनों और इंटर-स्टेट डीजल बसों पर भी प्रतिबंध शामिल है, जो सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-6 स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करते हैं। इंडस्ट्रीज बिना मंजूरी वाले फ्यूल का इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें इन पाबंदियों के तहत अपना काम बंद करना होगा।
दिल्ली प्रदूषण ऐसे छीन रहा है लोगों की अनमोल जिंदगी
उधर, दिल्ली सरकार के अधीन अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की दिल्ली सांख्यिकीय हैंडबुक 2025 के मुताबिक, “2024 में सांस की बीमारियों जैसे अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस, निमोनिया या फेफड़ों से जुड़ी अन्य समस्याएं से 9211 मौतें दर्ज हुई। ये 2023 के 8801 से करीब 4.7% ज्यादा है और 2022 के 7432 से तो 24% ऊपर है। वहीं, सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा 2021 का है, उस साल कोविड-19 की दूसरी लहर ने देश में कोहराम मचा दिया था और रेस्पिरेटरी डेथ्स 14442 तक पहुंच गई थीं। हालांकि, महामारी के बाद थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन अब यह आंकड़ा दोबारा बढ़ रहा है, जो साफ बताता है कि दिल्ली की एयर क्वालिटी और हेल्थ सिस्टम में अब भी बड़ी कमियां हैं।”






