IndiGo: देश के कई एयरपोर्ट्स पर सैंकड़ों लोगों को परेशानी हुई। कई यात्रियों की शादी टूट गई, किसी के महत्वपूर्ण एग्जाम छूट गए। लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, मगर देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी ने कोई सुनवाई नहीं की। अब शनिवार को भारत के एविएशन रेगुलेटर मतलब डीजीसीए यानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने इंडिगो एयरलाइन को उसके कर्मों का फल दिया है। डीजीसीए ने इंडिगो पर रिकॉर्ड 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
IndiGo एयरलाइन पर लिया गया सख्त एक्शन
एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने इंडिगो एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरस को भी चेतावनी जारी की है, जिन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया था, और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर, जेसन हर्टर को उनके मौजूदा पद से हटाने का आदेश दिया है। साथ ही इंडिगो को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और लंबे समय तक सिस्टम में सुधार के लिए 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का भी आदेश दिया गया है।
इंडिगो मामले पर जांच समिति ने दी यह रिपोर्ट
वहीं, डीजीसीए की चार सदस्यीय जांच समिति ने पाया कि ऑपरेशंस का ओवर-ऑप्टिमाइजेशन, अपर्याप्त रेगुलेटरी तैयारी के साथ-साथ सिस्टम सॉफ्टवेयर सपोर्ट में कमियां और मैनेजमेंट स्ट्रक्चर और ऑपरेशनल कंट्रोल में खामियों के कारण यह संकट आया। साथ ही जांच में पाया गया कि एयरलाइन का क्रू और एयरक्राफ्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर बहुत अधिक फोकस और आक्रामक कॉस्ट-कटिंग की वजह से दिसंबर में ऑपरेशनल दिक्कतें आईं। मालूम हो कि पिछले साल 3 से 5 दिसंबर के बीच 2507 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं और 1852 फ्लाइट्स लेट हुईं थी। इस वजह से लगभग 3 लाख से ज्यादा यात्री अलग-अलग हवाईअड्डों पर फंस गए थे।
डीजीसीए के मुताबिक, जांच समिति ने कहा, “क्रू रोस्टर को ड्यूटी के समय को ज्यादा से ज्यादा करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसमें डेड-हेडिंग, टेल स्वैप, लंबे ड्यूटी पैटर्न और बहुत कम रिकवरी मार्जिन पर अधिक निर्भरता थी। इस तरीके से रोस्टर की अखंडता से समझौता हुआ और ऑपरेशनल लचीलेपन पर बुरा असर पड़ा।”
एयरलाइन ने दिया सुधार करने का आश्वासन
उधर, इंडिगो के बोर्ड ने शनिवार को एक छोटा सा बयान जारी कर कहा, “आदेशों पर पूरी तरह ध्यान देने के लिए प्रतिबद्ध है” और “सोच-समझकर और समय पर, उचित कदम उठाएगा।” एयरलाइन ने आगे कहा, “इस गड़बड़ी के बाद से इंडिगो में इंटरनल प्रोसेस की मजबूती और लचीलेपन की गहराई से समीक्षा चल रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एयरलाइन 19 से अधिक सालों के अपने बेदाग रिकॉर्ड में इन घटनाओं से और मजबूत होकर उभरे।”





