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Umar Khalid, शरजील इमाम नहीं, बल्कि इन 5 दिल्ली दंगा के आरोपियों को मिली जमानत! जेएनयू के पूर्व छात्र के काम न आया ममदानी का समर्थन

Umar Khalid और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट की ओर से दिल्ली दंगा केस में नामजद 5 आरोपी गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी गई है।

Umar Khalid
Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Umar Khalid: लंबे समय से सुर्खियां बटोर रहे सुप्रीम कोर्ट का वो फैसला आ गया है जिसमें दिल्ली दंगा के आरोपियों का जिक्र था। सुप्रीम कोर्ट ने अंतत: उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही अगले एक साल तक जमानत याचिका दाखिल करने पर रोक लगा दी गई है। आशय स्पष्ट है कि दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम फिर सलाखों की हवा खाएंगे। जेएनयू के पूर्व छात्र के लिए न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी का समर्थन भी नहीं काम आया है। वहीं दिल्ली दंगा के अन्य 5 आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को सुप्रीम कोर्ट ने 12 शर्तों के साथ जमानत दे दी है।

सुप्रीम कोर्ट का Umar Khalid, शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार

कोर्ट की ओर से उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार करते हुए कहा गया कि दोनों अभियोजन और साक्ष्य के संदर्भ में गुणात्मक रूप से भिन्न स्थिति में हैं। अदालत ने कहा कि “कथित अपराधों में उनकी भूमिका केंद्रीय थी। इन दोनों के संबंध में, हालांकि कारावास की अवधि लंबी और निरंतर है, यह संवैधानिक आदेश का उल्लंघन नहीं करती है और न ही कानूनों के तहत वैधानिक प्रतिबंध का उल्लंघन करती है।”

उच्चतम न्यायालय ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए दोनों को यह आजादी दी है कि वे मामले में सभी अभियोजन गवाहों की जांच पूरी होने के बाद या किसी भी मामले में एक वर्ष की अवधि के बाद ट्रायल कोर्ट में नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।

दिल्ली दंगा केस के इन 5 आरोपियों को मिली जमानत

फरवरी, 2020 में हुए दिल्ली दंगा केस में शामिल 5 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को 12 शर्तों के साथ जमानत मिली है। यदि आरोपी शर्तों का उल्लंघन करते हैं, तो ट्रायल कोर्ट आरोपियों की सुनवाई के बाद जमानत रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगा। मालूम हो कि दिल्ली दंगा 2020 में 50 से अधिक लोगों की मौत हुी थी। वहीं 500 से अधिक घरों और 700 से अधिक दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया था जिसकी चपेट में आने से सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इस मामले में कुल 753 एफआईआर दर्ज हुआ था जिसमें उमर खालिद, शरजील इमाम समेत कई अन्य पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज हुआ और गिरफ्तारी हुई।

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