Women Reservation Bill: संसद में भारतीय महिलाओं को 33 फीसदी का आरक्षण देने वाला विधेयक बीते शुक्रवार को पास नहीं हो सका। महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 मत पड़े। ऐसे में गत 12 सालों के कार्यकाल में यह पहला मौका था, जब पीएम मोदी की अगुवाई वाली सरकार का कोई संवैधानिक संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका और गिर गया। ऐसे में पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन किया और देशभर की माताओं-बहनों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर मुश्किल को खत्म करेगी।
महिला आरक्षण विधेयक गिरने पर पीएम मोदी विपक्ष पर हुए हमलावर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्षी दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। देश की नारी शक्ति के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर चोट करने वाले अब माताओं-बहनों और बेटियों के आक्रोश से बच नहीं पाएंगे। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा संशोधन भारतवर्ष की नारी को नई उड़ान देने का महायज्ञ था। लेकिन कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और डीएमके जैसे दलों ने इसकी भ्रूणहत्या कर दी।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस अपने पापों का प्रायश्चित करेगी। लेकिन उसने एक बार फिर इस अवसर को खो दिया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है, परिवारवादी पार्टियों का डर! उन्हें लगता है कि महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनका नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा।’
मैं देशभर की माताओं-बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को हम खत्म करेंगे। हमें आधी आबादी के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है। pic.twitter.com/OLDsJpQNcE
— Narendra Modi (@narendramodi) April 19, 2026
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पीएम मोदी ने महिलाओं को दिलाया भरोसा
विरोधियों पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस और उसके साथी दल डिलिमिटेशन पर भी लगातार झूठ बोल रहे हैं। बांटो और राज करो की नीति पर चलने वाली ये पार्टियां इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहती हैं। देश को सशक्त बनाने वाले हर प्रयास में बाधाएं खड़ी करने के लिए कांग्रेस अपनी पूरी शक्ति लगा देती है। इसके एक नहीं अनेक उदाहरण हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं देशभर की माताओं-बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को हम खत्म करेंगे। हमें आधी आबादी के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है।’





